Alwar
वह लाठी से मार देता था टाइगर
Bhaskar News Sunday, October 11, 2009 04:06 [IST]  

अलवर. गिरफ्तार सुरता कालबेलिया इतना खतरनाक शिकारी है कि टाइगर जैसे शक्तिशाली जानवर से बिल्कुल नहीं डरता।



वर्ष 2004 में गिरफ्तार किए गए जीवनदास ने सुरता के बारे में सनसनी खेज खुलासे किए थे। जीवनदास ने पूछताछ में वन अधिकारियों को बताया था कि फंदे में फंसने के बाद वह टाइगर की लाठी से हत्या कर देता था। इससे टाइगर की खाल खराब नहीं होती थी और दाम भी अच्छे मिलते थे।



स्थानीय लोगों से बनाए रिश्ते



सरिस्का में शिकार के लिए दोनों शिकारियों ने पहले स्थानीय लोगों से रिश्ते बनाए। खारेड़ा के जुहरू मेव से मुलाकात के बाद जीवनदास ने उसकी पानीपत में दूसरी शादी करा दी। फिर इन दोनों शिकारियों का जुहरू मेव के घर आना-जाना हो गया।



विश्वास में लेने के बाद सुरता व जीवनदास ने जुहरू को भी शिकार के धंधे में शामिल कर लिया। धीरे-धीरे इन दोनों शिकारियों ने सरिस्का में एक बड़ा नेटवर्क खड़ा कर लिया। सरिस्का में अन्य शिकारियों को ये फंदे उपलब्ध कराने लगे।




शिकार के लिए बांट ली थीं रेंज : दोनों शिकारियों ने शिकार के लिए सरिस्का अभयारण्य की रेंज बांट रखी थी। सुरता जहां टहला रेंज में शिकार करता रहा वहीं जीवनदास अकबरपुर, सिलीबेरी, सुकेला, नाहरसती इलाके में सक्रिय रहा। दोनों शिकारियों ने धीरे-धीरे सरिस्का से टाइगर खत्म कर दिए।



सुरता के साथ एक युवती भी जाती थी शिकार पर



ग्रामीणों का कहना है कि सुरता के साथ एक युवती रहती है। वह उसे अपनी पत्नी बताता था। यह युवती जींस शर्ट में रहती थी। बताया जाता है कि टाइगर के शिकार पर वह सुरता कालबेलिया के साथ जाती थी।



संसारचंद्र को बेचते थे खाल



सरिस्का में टाइगर व पैंथर का शिकार करने के बाद दोनों शिकारी खाल व हड्डियों को संसारचंद्र को बेचते थे। हाल में गिरफ्तार किए गए संसारचंद्र के भाई नारायण ने पूछताछ में बताया था कि दोनों शिकारियों ने मंजनू का टीला इलाके में तिब्बतियों से टाइगर व बघेरों की खाल के सीधे सौदे करने शुरू कर दिए थे।




जमानत पर छूटने के बाद फरार हो गया था जीवनदास



सरिस्का में टाइगर खत्म होने के बाद वन विभाग ने दिसम्बर 2004 में जीवनदास को गिरफ्तार कर लिया था। कुछ दिन वह जेल में रहा लेकिन वन विभाग की ढीली पैरवी के कारण उसे जमानत मिल गई। जमानत पर छूटने के बाद वह फरार हो गया। सुरता कालबेलिया वन विभाग के कभी हाथ नहीं आया।



पूछताछ के लिए लाया जाएगा सरिस्का



डीएफओ सुनयन शर्मा ने बताया कि गिरफ्तार शिकारियों को पूछताछ के लिए सरिस्का भी लाया जाएगा। फिलहाल दोनों से सीबीआई पूछताछ कर रही है। सीबीआई इस बात का भी पता लगाएगी कि दोनों शिकारियों ने सरिस्का के अलावा देश के किसी अभयारण्य में तो वन्यजीवों के शिकार नहीं किए। इनसे कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की संभावना है।

 
 


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