ग्वालियर. रक्षा मंत्रालय के प्रतिष्ठित रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (डीआरडीई) में एक जूनियर वैज्ञानिक ने अपने सीनियर पर तंत्र-मंत्र के लिए उनकी बलि देने की कोशिश करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं आरोपी वैज्ञानिक फरार हो गया है।
क्या है वाकया
संस्थान के जूनियर वैज्ञानिक डॉ. सुशील शर्मा ने परिजनों के साथ जाकर शुक्रवार को पुलिस में शिकायत की। उनकी पत्नी श्रद्धा शर्मा ने पुलिस को बताया कि सीनियर वैज्ञानिक डॉ. एम. कामेश्वर राव ने 6 अक्टूबर की रात डॉ. शर्मा को अपने घर बुलाया था। रात लगभग 11 बजे सुशील जब डॉ. राव के घर पहुंचे तब वे और एक और सहयोगी डॉ. एएसबी भास्कर पूजा कर रहे थे। बाद में दोनों ने डॉ. शर्मा से वहीं सो जाने को कहा। दोनों अपनी क्षेत्रीय भाषा में मंत्र भी पढ़ रहे थे। रात करीब 12 बजे पानी के छींटे पड़ने से सुशील की नींद खुली, तब कमरे की लाइट बंद थी और दोनों वैज्ञानिक उनके पास खड़े थे। एक के हाथ में चाकू जैस हथियार था, जिससे उन्होंने हमला करने की कोशिश की। सुशील का कहना है कि उनके चीखने पर कॉलोनी के गार्ड आ गए और उन्होंने दरवाजा खटखटाया, तब जाकर वे किसी तरह छूट पाए। तीन दिन बाद रिपोर्ट करने संबंधी सवाल पर डॉ. शर्मा ने कहा कि उन्हें धमकी दी गई थी इसलिए देरी हुई।
इस संबंध में संस्थान के निदेशक डॉ. आर. विजय राघवन और डॉ. कामेशवर राव से संपर्क नहीं हो सका। पुलिस ने डॉ. राव के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। एक अन्य वैज्ञानिक को आरोपी बनाने के लिए अभी तहकीकात चल रही है। बताया गया है कि आरोपी वैज्ञानिक डॉ. राव महाराष्ट्र व डॉ. भास्कर दिल्ली चले गए हैं।
तंत्र विद्या के शौकीन हैं कामेश्वर
बताया गया है कि कामेश्वर राव पहले से ही तंत्र विद्या से जुड़े हैं। वे दतिया पीताम्बरा पीठ से तंत्र विद्या की पुस्तकें भी मंगवाते रहे हैं। रक्षा विहार के कुछ वैज्ञानिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि डॉ. कामेश्वर की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। इस घटना से कुछ दिन पूर्व उनका अपनी पत्नी के साथ विवाद हुआ था, तब पत्नी को पड़ोसी के घर में शरण लेनी पड़ी थी।