तिथि संवत
कार्तिक कृष्ण अष्टमी, संवत् 2066, शाके-1931, रवि दक्षिणायने, शरद् ऋतु, हिजरी सन् 1430, 11 अक्टूबर, रविवार, अहोई अष्टमी पूजा, (कराष्टमी)।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र
उआद्र्रा नक्षत्र प्रात: 7.30 तक पश्चात् पुनर्वसु, शिव योग तथा बालवकरण। (भारतीय समयानुसार)
ग्रह विचार
सूर्य, बुध, शनि, शुक्र-कन्या, गुरु, राहु-मकर, मंगल, केतु-कर्क तथा चंद्रमा-मिथुन राशि में।
शुभाशुभ ज्ञानम्- अष्टमी रात्रि 1.24 तक मिथुन राशि का चंद्रमा रात्रि 12.20 तक, पुत्र की कामना वाले स्त्री-पुरुष को आज के दिन डाभ की पार्वती और शिव बनाकर उसका पञ्चोपचार से पूजन कर व्रत करना चाहिए।
शुभ अंक- 1 रंग- केसरिया
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय- दोपहर 1.45 से 3.00 तक।
राहुकाल
अपराह्न् 4.37 से 6.05 तक।
दिशाशूल
पश्चिम, आवश्यक हो तो दलिया खाकर निकलें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 7.50 से 9.17 तक चंचल, प्रात: 9.17 से 10.45 तक लाभ, प्रात: 10.45 से 12.13 तक अमृत, दोपहर 1.41 से 3.09 तक शुभ, सायं 6.05 से 7.37 तक शुभ, सायं 7.37 से 9.09 तक अमृत, रात्रि 9.09 से 10.41 तक चंचल
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 7.17 तक आद्र्रा 4 चांदी मिथुन छ
दोपहर 12.58 तक पुनर्वसु 1 चांदी मिथुन के
सायं 6.39 तक पुनर्वसु 2 चांदी मिथुन को
रात्रि 12.20 तक पुनर्वसु 3 चांदी मिथुन हा
प्रात: 6.00 तक पुनर्वसु 4 चांदी कर्क ही