बीकानेर. दैनिक भास्कर कार्यालय में शनिवार को आयोजित रूबरू कार्यक्रम में वार्ड 25, 26, 27, 40, 41 व 42 के लोगों ने अधिकारियों के सामने अपने वार्डो की समस्याओं को खुलकर रखा और लंबे समय से इनका समाधान नहीं होने पर आक्रोश जताया।
वार्डवासियों का आरोप था कि छोटी-छोटी समस्याओं को भी अधिकारी अनसुनी करके उन्हें विकराल रूप दे रहे हैं, जबकि इन समस्याओं का हल मिल-बैठकर आपसी सहयोग से भी हो सकता है। वार्डवासियों ने जहां नगर-निगम, नगर विकास न्यास, जलदाय विभाग, विद्युत निगम, स्वास्थ्य और रसद महकमे को आड़े हाथों लिया, वहीं पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
वार्ड 25 की इंद्रा कॉलोनी हो या सादरूल स्पोर्ट्स स्कूल तक का क्षेत्र यहां सफाई व्यवस्था पर मोहल्लेवासी नगर-निगम अधिकारियों के सामने मुखर हुए। इनका कहना था कि कुछ लोगों ने नालियों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे गंदा पानी घरों में घुस रहा है। वहीं लोहे के पोल इतने जर्जर हो चुके हैं कि कभी भी गिर सकते हैं। इनमें हमेशा करंट प्रवाहित होता रहता है।
वार्ड 27 के अमरसिंहपुरा या इंडियन ऑयल के पास की गलियों में नो-एंट्री के समय भारी वाहनों के आवागमन की शिकायत भी लोगों ने रखी। तो महिलाओं ने क्षेत्र के पार्को में फैल रही गंदगी पर चिंता जताई।
वार्ड 40 के निवासियों में अधिकांश ने नगर-निगम पर आरोप लगाया कि गोल पार्क का विकास जनसहयोग से हो रहा है लेकिन प्रशासन इस ओर कतई ध्यान नहीं दे रहा। और तो और इसके बाहर प्रस्तावित सड़क को भी फिलहाल मूर्त रूप नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा माताजी मंदिर के पास घरों में बिक रही शराब यहां के लोगों के लिए परेशानी बनी हुई है। रात ढलने के बाद समाजकंटक शराब के नशे में मंदिर आने-जाने वालों श्रद्धालुओं को तंग करते हैं। इसके अलावा क्षेत्र की डेयरियों के कारण भी आवागमन बाधित होता है और गंदगी बढ़ती है।
वार्ड में लगने वाले थाने में आमजन की सुनवाई नहीं होती और तो और चोरों के हौसलें इतने अधिक बढ़ गए हैं कि बार एसोएिशन के अध्यक्ष के यहां सेंधमारी कर ली। पुलिस महकमा चुपचाप बैठा है।
वार्ड 41 में जहां लोगों ने आवारा पशुओं से होने वाली परेशानी के साथ-साथ स्कूली क्षेत्रों में भारी वाहनों के आवागमन पर आक्रोश जताया। वहीं नाले साफ नहीं होने को यहां के लोगों ने नगर-निगम की अकर्मण्यता बताया।
वार्ड 42 के लोगों ने बताया कि वार्ड की नालियों का लेवल सही नहीं है। सफाई तो यहां छह माह में एक बार होती है। इसके अलावा सदर पुलिस थाने में आम आदमी की सुनवाई नहीं होती।