अजमेर. नगर निगम के आयुक्तों में कार्य विभाजन संबंधी विवाद जारी था कि मुख्य लेखाधिकारी हरि सिंह मीणा ने एक नया विवाद खड़ा कर दिया।
आयुक्तों को अपने से अधीनस्थ अधिकारी मानते हुए सीएओ मीणा फाइलें सीधे संबंधित शाखा को भेज रहे हैं। शिकायत पर सीईओ ने मुख्य लेखाधिकारी को आयुक्तों को फाइल भेजने के निर्देश दिए हैं।
नगर निगम में हाल ही में मुख्य लेखाधिकारी का पद सृजित किया गया है। इससे पहले यह काम देखने वाले लेखाधिकारी फाइलें आयुक्त को भेजते थे। अब नए मुख्य लेखाधिकारी मीणा आयुक्तों को अपने से जूनियर अधिकारी मानकर उन्हें फाइलें मार्क कर नहीं भेज रहे हैं।
मीणा मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नाम से ही फाइल मार्क कर भेज रहे हैं। उनकी यह कार्यवाही आयुक्त विकास जगदीश चौधरी को नागवार गुजरी। आयुक्त चौधरी ने सीईओ वी सरवण को शिकायत की और फाइलों पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया।
क्या कहता है कानून : सरकार ने हाल ही में निकायों में नया एक्ट लागू किया है। इसकी धारा 333 के तहत अधिशासी अभियंता, डॉक्टर और लेखाधिकारी आयुक्त के अधीन होंगे। इसके अलावा नगरपालिका अधिनियम की धारा 68, चार में निकायों में आयुक्त के बिना हस्ताक्षर के दस्तावेजों को अधूरा बताया गया है।
विवाद का सिलसिला जारी : नगर निगम में विवाद का सिलसिला जारी है। पहले आयुक्त विकास जगदीश चौधरी और आयुक्त प्रशासन राजनारायण शर्मा के बीच मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर कार्यभार संभालने को लेकर विवाद हुआ। महापौर धर्मेद्र गहलोत ने जैसे——तैसे यह विवाद सुलटाया। अभी दोनों आयुक्तों के बीच काम के बटवारे को लेकर विवाद जारी है। इसे समाप्त करने के लिए सीईओ नए सिरे से कार्य विभाजन पर विचार कर रहे हैं।
नियमानुसार मुख्य लेखाधिकारी आयुक्त के अधीन है। इसके बावजूद फाइल नहीं भेज रहे हैं- जगदीश चौधरी, आयुक्त विकास, नगर निगम