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भारत ने सिखाया मंदी से निपटना
Bhaskar News Sunday, October 11, 2009 05:49 [IST]  

अजमेर. ग्लोबल मेल्ट डाउन में सबसे मजबूत रही भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा दिया था देश के करीब 25 करोड़ संख्या वाले मध्यम वर्ग ने।



अब हमारे पास वक्त है, हमें मध्यम वर्ग का दायरा और बढ़ाना होगा।



रिजर्व बैंक के पूर्व डायरेक्टर और पदमभूषण एमरिट्स प्रोफेसर वीएस व्यास का यह सुझाव अर्थव्यवस्था को भविष्य में आने वाली किसी भी मंदी से निपटने के लिए आया। मौका था महर्षि दयानंद सरस्वती यूनिवर्सिटी में शनिवार से शुरू हुई इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन की 62वीं ऑल इंडिया कॉमर्स कॉन्फ्रेंस का। इस मौके पर सेबी के पूर्व चेयरमैन पदमभूषण डीआर मेहता, आईसीए के प्रेजीडेंट डॉ. बीबी तावड़े, वाइज प्रेजीडेंट प्रो. एच वंैकेटेश्वरलू सहित देश भर अर्थशास्त्री और कॉमर्स विशेषज्ञ एक मंच पर मौजूद थे।




एमडीएस यूनिवसिर्टी में शनिवार को ऑल इंडिया कॉमर्स कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में पदमभूषण और प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार प्रोफेसर विजय शंकर व्यास ने अपने भाषण में बताया कि देश के मजबूत मध्यम वर्ग, उसकी खरीद क्षमता से बने बड़े घरेलू बाजार, आरबीआई और सेबी आदि रैग्यूलेट्री अथॉरिटी की एक्टिव प्रसेंज, भारतीयों की बचत करने जैसी कई आदतों की वजह से विश्व व्यापी आर्थिक मंदी ने भारतीय अर्थव्यवस्था को ज्यादा नुकसान नहीं पहुंचाया।




उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हम आर्थिक मंदी के जैसी समस्याओं के बावजूद 6.3 से 6.5 प्रतिशत की विकास दर हासिल कर भारत पूरे विश्व के लिए आदर्श बन चुका है। प्रो. व्यास ने कहा कि विश्व सबसे खराब समय से गुजर चुका है, अब हालात अच्छे ही होंगे। कॉन्फ्रेंस सेक्रेट्री व एमडीएस यूनिवर्सिटी के वीसी प्रो. भागीरथ सिंह ने स्वागत भाषण पढ़ा।

 
 


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