भीलवाड़ा . साल में सौ दिन काम की गारंटी देने वाले राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (नरेगा) में देश के पहले सामाजिक अंकेक्षण (सोशल ऑडिट) की इबारत शनिवार को भीलवाड़ा जिले में लिखी गई।
इसमें 1.31 करोड़ रु. के घोटाले की परतें खुलीं। आरोप-प्रत्यारोप लगे, हंगामा व मारपीट भी हुई। पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पंचायतीराज मंत्री भरत सिंह, प्रभारी सचिव प्रदीप सेन ने भी ऑडिट देखा।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री व क्षेत्रीय सांसद सीपी जोशी की पहल पर सरकार व एनजीओ की देखरेख में जिले की चयनित 11 पंचायतों की चौपाल बिछी। ये थीं खाचरोल, देवरिया, तस्वारिया, गोवर्धनपुरा, बरण, डाबला-कचरा, लाखोला, सांगवा, टीटोड़ी, बड़लियास व परा।