कोटा. गवर्नमेंट कॉलेज में संचालित एमफिल में दस से कम आवेदन आने पर एमफिल प्रोग्राम को बंद कर दिया जाएगा। यह निर्णय शनिवार को आयोजित कॉलेज विकास समिति की बैठक में लिया गया। कॉलेज में संचालित एमफिल के चार विषयों में दस से कम आवेदन ही आए हैं।
प्राचार्य एमएल मीणा ने बताया कि इस समय कॉलेज में 15 विषयों में एमफिल कोर्स संचालित है। इस वर्ष चार विषयों पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, उर्दू, इकोनॉमिक्स और भौतिक विज्ञान में 10 से कम आवेदन ही आए हैं। कॉलेज विकास समिति की बैठक में इन विषयों में आवेदन की तिथि बढ़ाकर 31 अक्टूबर करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद भी यदि आवेदकों की संख्या 10 से कम रहती है तो इन विषयों में एमफिल प्रोग्राम को बंद कर दिया जाएगा।
व्याख्याताओं को लघु शोध तैयार कराने का मानदेय भी ढाई हजार रुपए से घटाकर दो हजार रुपए करने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा व्याख्याताओं को मिलने वाले मानदेय भी दो सौ रुपए से घटाकर डेढ़ सौ रुपए प्रति पीरियड कर दिया गया है।
कॉलेज में निर्माण कार्य कराने के लिए जनसहभागिता पर जोर दिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अब जो भी निर्माण कार्य हों, उनमें समिति 30 फीसदी अंशदान करेगी। शेष राशि जनसहभागिता से जुटाई जाएगी। छात्रों को कॉलेज संबंधी जानकारी देने और समस्या निराकरण के लिए सूचना केन्द्र स्थापित करने का भी बैठक में निर्णय लिया गया।