Pali
हत्या के विरोध में थमे टैक्सियों के चक्के
Bhaskar News Monday, October 12, 2009 01:07 [IST]  

पाली. राजसमंद के देवगढ़ थाना क्षेत्र में शनिवार को हुई फालना के कार चालक की नृशंस हत्या को लेकर रविवार को फालना में गमगीन माहौल रहा।



इस दौरान दिनभर टैक्सी चालकों ने भी अपनी कार व जीपों का संचालन बंद रखा। हत्या के आरोपियों तक पहुंचने के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए है। दोपहर में शव परिजनों को सौंपने के बाद देवगढ़ पुलिस ने टैक्सी चालकों से पूछताछ भी की।



शव पहुंचते ही करूण कंदन



शव लेकर देवगढ़ से पुलिस दल पहुंचते ही उसके घर पर करूण कंदन मच गया। उसके परिजनों को संभालना भारी पड़ गया। कई चालकों की
आंखों से भी अश्रुधारा बह रही थी। ईश्वर की एकमात्र एक वर्ष की बेटी है, जिसको यह भी पता नहीं चला कि ये सब क्या हो रहा है। अंतिम यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में कस्बेवासी शामिल हुए तथा सभी ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी।



अनजान लोगों के साथ गया था ईश्वर



शुक्रवार को फालना के टैक्सी स्टैंड से क्वेलिस गाड़ी के साथ चार=-पांच अनजान युवक ईश्वर को चारभुजा जाने का का कहकर गाड़ी किराए पर लेकर गए थे। फालना से जाने के उपरांत शनिवार सुबह देवगढ़ के समीप एक शव क्षत-—विक्षत अवस्था में मिला होने की सूचना होने पर शाम को उसकी शिनाख्त ईश्वर धोबी के रूप में हुई। अज्ञात लोगों ने हथियारों से गोदकर उसकी हत्या के उपरांत शव को सड़क के किनारे फेंक दिया था और गाड़ी लेकर फरार हो गए थे। बाद में उन्होंने गाड़ी को भीलवाड़ा के समीप छोड़ दिया।



कॉल डिटेल जुटाने की कवायद



देवगढ़ के साथ बाली वृत की पुलिस ने भी आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास शुरू कर दिए है। मृतक के मोबाइल के घटना के दौरान संपर्क वाले फोनों की कॉल डिटेल जुटाई जा रही है। देवगढ़ थाना प्रभारी लीलाधर की अगुवाई में फालना पहुंचे पुलिस दल ने रविवार को आरोपियों के हुलिए के बारे में जानकारी ली।



टैक्सी यूनियन सावधानी रखें : मीणा



बाली अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीणा ने रविवार सुबह फालना पुलिस चौकी में टैक्सी चालकों की बैठक ली। मीणा ने इस दौरान टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों को पाबंद किया कि किसी भी यात्री को गाड़ी में बैठाकर ले जाने से पहले यात्री की पहचान करने के बाद ही उनको साथ जाने के लिए निर्देशित किया।

 
 


अपने विचार यहां लिखें:
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: