पाली. प्रदूषण लेस पाली के लिए की जा रही पहल में दीपावली से पूर्व नया अध्याय जुड़ने वाला है।
पुनायता गांव के औद्योगिक क्षेत्र में चौथे ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण पूरा हो गया है। दो—चार दिनों में ही प्लांट पर कल—कारखानों से निकलने वाले पानी को ट्रीट करने का काम शुरू हो जाएगा। नीरी के विशेषज्ञों के निर्देशन में सिविल वर्क का टेस्टिंग भी कर लिया गया है। सीईटीपी के प्रबंधकों का दावा है कि इस प्लांट की शुरूआत के साथ ही बांडी नदी में एक बूंद पानी बिना ट्रीट किए नहीं गिरेगा।
करीब 12 करोड़ की लागत से बनने वाले 12 एमएलडी क्षमता के ट्रीटमेंट प्लांट को बनाने की जिम्मेदारी उद्योगपतियों तथा प्रशासनिक अधिकारियों की ज्यूरी ने नई दिल्ली की फर्म एनांस वेब्स को सौंपी थी। 2008 के दिसंबर माह में शुरू किया गया यह कार्य अब पूरा हो चुका है।
ठेकेदार कंपनी ने इस काम को पूरा करने के लिए मार्च 2010 तक का वक्त मांगा था,मगर जल्दी काम निबटाने की एवज में मिलने वाले तीन प्रतिशत इंसेटिव को देखकर दिन—रात काम करवाकर इस कार्य को आठ माह की अवधि में ही पूरा करवा लिया गया।
ट्रीट के साथ ही टेस्टिंग
कारखानों से निकलने वाला करीब1.20 करोड़ लीटर पानी इस प्लांट में ट्रीट किया जा सकेगा। यह पानी प्लांट संख्या तीन से यहां पहुंचेगा। इसके लिए पाइप लाइन बिछा ली गई है। पानी को ट्रीट करने की शुरूआत हर हालत में दीपावली से पूर्व कर ली जाएगी।
ट्रीटमेंट होने के साथ ही बनाए गए विशाल टैंकों की टेस्टिंग का काम भी हाथों—हाथ चलेगा। सीईटीपी ने हालांकि टैंकों में एक बार पानी भरवाकर टेस्टिंग कर ली है।
पावर हाउस स्थापित
प्लांट में अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त पावर हाउस की स्थापना की गई है। इसके साथ ही जनरेटर भी लगाया गया है। ताकि पावरकट होने की स्थिति के बाद भी प्लांट बंद नहीं हो। पावरहाउस को कुल रखने के लिए उच्च क्षमता के एयरकंडीशनर भी लगाए गए है।