Gwalior
जाति प्रमाण-पत्र पंजी में हेराफेरी
Bhaskar news Monday, October 12, 2009 02:11 [IST]  

ग्वालियर. कलेक्ट्रेट से जारी जाति प्रमाण-पत्रों में हेराफेरी का एक मामला उजागर हुआ है। जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई है। इसी आधार पर दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर आकाश त्रिपाठी से एक अभिभाषक ने जाति प्रमाण-पत्र संबंधी अभिलेख में की गई हेराफेरी की शिकायत की थी। इसको कलेक्टर ने टीएल (टाइम लिमिट) में दर्ज कर जांच के लिए संयुक्त कलेक्टर नियाज अहमद खान को जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने जांच रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है। इसमें तहसील कार्यालय में अभिलेख में हेराफेरी व सबूत नष्ट करने का उल्लेख किया गया है।



श्री खान ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि शिकायत में बताए गए देवकी नंदन के जाति प्रमाण-पत्र की जांच की गई। यह प्रमाण-पत्र तहसीलदार प्रभात रंजन उपाध्याय के हस्ताक्षर से जारी हुआ। दायरा पंजी के अवलोकन से साफ हुआ है कि देवकी नंदन का नाम दायरा पंजी के पृष्ठ क्रमांक 450 पर सीरियल नंबर 96 पर दर्ज है। इस पर जो स्याही व राइटिंग है वह अन्य पृष्ठों से अलग है।



रिपोर्ट में कहा गया है कि इसके पूर्व के पृष्ठ क्रमांक 449 व 451 पर दूसरी तरह की स्याही व लिखावट है। इससे प्रथम दृष्टया साफ है कि पृष्ठ क्रमांक 450 को बदला गया है। श्री खान के अनुसार पृष्ठांकन क्रमांक में कई पृष्ठों पर ओवर राइटिंग मिली है, जो अभिलेख से छेड़छाड़ को पुष्ट करती है।






कार्रवाई प्रस्तावित की
दायरा पंजी में पृष्ठ बाद में लगाए गए हैं। जाति प्रमाण-पत्र महत्वपूर्ण अभिलेख होता है। संभव है कि गलत तरीके से जारी किए गए प्रमाण-पत्रों के आधार पर जिन लोगों ने फायदा लिया हो, उनके द्वारा ही यह कारनामा कराया गया हो। अभिलेख में मिली गड़बड़ी के आधार पर ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।
नियाज खान, संयुक्त कलेक्टर एवं जांच अधिकारी

 
 


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