Chandigarh
हजारों विद्यार्थी साल से वजीफे के इंतजार में
भास्कर न्यूज Monday, October 12, 2009 02:15 [IST]  

डेराबस्सी. ‘प्रदेश में हजारों अल्पसंख्यक विद्यार्थी बीते साल से वजीफों की बाट जोह रहे हैं। केंद्रीय योजना के तहत सौ फीसदी फंड केंद्र सरकार जारी करती है, लेकिन प्रदेश सरकार करोड़ों रुपए लाभार्थियों तक पहुंचाने के बजाय उसपर खुद कुंडली मारकर बैठी है। नतीजतन संबंधित वर्ग के विद्यार्थियों को आगे पढ़ाई जारी रखने में धन की समस्या आड़े आ रही है।



केंद्र सरकार ने मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध और पारसी सहित अल्पसंख्यकों के लिए तीन अलग अलग वजीफा योजनाएं शुरू की हुई हैं। दो योजनाएं का सौ फीसदी पैसा केंद्र सरकार देती है, जबकि एक में प्रदेश सरकार का मात्र 25 फीसदी योगदान होता है। केंद्रीय योजना के तहत पंजाब में दसवीं से आगे पढ़ाई करने वालों को सौ फीसदी वजीफे की सुविधा है। योजना में 20 हजार से अधिक आवेदक हैं। इसमें फीस के अलावा विद्यार्थियों को 30 हजार रुपए सालाना खर्च भी मिलता है।



मेरिट कम मीन्स स्कॉलरशिप योजना के तहत वित्त वर्ष 2008—09 के लिए कुल 1615 विद्यार्थियों को पैसे देने का लक्ष्य है, लेकिन 592 आवदेन ही आए हैं। इनमें 568 सिख अल्पसंख्यक हैं, लेकिन केंद्र सरकार द्वारा जारी कुल 1 करोड़ 63 लाख 49 हजार 695 रुपए पंजाब सरकार आगे लाभार्थियों तक नहीं पहुंचा रही। फंड में 25 फीसदी योगदान वाली योजना के तहत भी करीब पौने दो लाख आवेदकों को लाभ देने का लक्ष्य है। इसके लिए भी सरकार के पास आधे आवेदन भी नहीं पहुंचे हैं। एससीबीसी वेलफेयर सेल के डिप्टी डायरेक्टर रोही राम के अनुसार फंड के लिए वित्त विभाग को लिखा गया है। जारी होते ही लाभार्थियों में बांट दिया जाएगा। इसके लिए संबंधित मंत्री पैसा जारी करवाने के लिए प्रयासरत हैं।

 
 


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