अलवर. पंजाब में पकड़े गए शिकारी सुरता कालबेलिया व जीवनदास ने सरिस्का में ज्यादातर टाइगरों व पैंथरों को बकरों का लालच देकर फंदे में फंसाया।
पानीपत से आने के बाद जीवनदास ने मालाखेड़ा स्टेशन के बाहर डेरा लगाया था। यहां वह ८-१क् बकरे-बकरियां रखता था। पहले भी गिरफ्तार हो चुके जीवनदास ने खुलासा किया था कि सरिस्का में टाइगर की लोकेशन लेने के बाद वह घर से जंगल में बकरा ले जाता था।
झाड़ियों में बकरा बांधते और उसके आसपास फंदे लगा देते। इसके बाद घात लगाकर आसपास बैठ जाते थे। जीवनदास ने सुरता कालबेलिया सहित अन्य शिकारियों को भी टाइगर के शिकार के लिए बकरे बेचे थे।