कोटा. महंगाई का असर पटाखों पर भी पड़ा है। पिछले पांच सालों में पटाखों की कीमतों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी हुई है।
दीपावली पर शहर में पटाखे की करीब 400 दुकानें लगती हैं और 5 से 6 करोड़ रुपए की खरीदारी होती है। ज्यादातर पटाखे शिवकाशी से आते हैं। पटाखों में फूलझड़ी, चक्कर, अनार, राकेट, गंगा जमुना और सूतली बम की मांग ज्यादा होती है।
पटाखा व्यवसाई नरेश खैर बताते हैं कि पांच साल पहले पटाखे खरीदने में परिवार का बजट काफी ज्यादा होता था, लेकिन दाम बढ़ने से लोगों ने पटाखे खरीदना कम कर दिया है। पटाखा व्यवसायी बृजेश गुप्ता का कहना है कि इस वर्ष दाम में कुछ अधिक बढ़ोतरी नहीं हुई।
चाइनीज पटाखे भी बाजार में
इस बार चाइनीज पटाखे भी बाजार में बिकने के लिए उपलब्ध हैं। दुकानदारों का दावा है कि ये आकर्षक हैं और स्थानीय पटाखों से अपेक्षाकृत ज्यादा चलेंगे। इन पटाखों को लेकर बच्चों में भी बहुत उत्साह है।