अजमेर. देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों से यहां नेशनल कॉमर्स कॉन्फ्रैंस में आए विद्वानों को रविवार को अजीब स्थिति से गुजरना पड़ा।
भगवंत यूनिवर्सिटी के अजमेर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एआईटी) ने रविवार को उन्हें खाने पर बुलाया था लेकिन खाने का वक्त हुआ तो खाना था ही नहीं। बाद में एमडीएस यूनिवर्सिटी ने उनके लिए अपने कैम्पस में नए सिरे से भोजन की व्यवस्था की।
एआईटी ने कॉन्फ्रैंस में आए मेहमानों को रविवार को कव्वाली व रात्रि भोजन पर बुलाया था। इनमें इंडियन कॉमर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी, आईआईएम, बीएचयू, सरदार पटेल यूनिवर्सिटी सहित देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, मैनेजमेंट कॉलेजों—संस्थानों के प्रोफेसर, डीन, विभागाध्यक्ष शामिल थे।
यूनिवर्सिटी सूत्रों के अनुसार मेहमान कव्वाली सुनने में मग्न थे तब एआईटी के छात्रों व स्टाफ के कर्मचारियों ने खाना निपटा दिया। मेहमान खाना खाने पहुंचे तब तक खाना खत्म हो चुका था। इस पर वीसी भागीरथसिंह सहित सभी मेहमान यूनिवर्सिटी पहुंचे, जहां रात करीब 11 बजे नए सिरे से भोजन की व्यवस्था की गई। इस मामले में कुलपति ने किसी भी टिप्पणी से इनकार कर दिया लेकिन एआईटी के प्रिंसीपल मेजर बस्तीराम का कहना है कि उम्मीद से ज्यादा मेहमान आने के कारण खाना कम पड़ गया। वहीं, कॉन्फ्रैंस को—ऑर्डिनेटर ने अव्यवस्था के लिए खेद जताया है।
शाही कव्वाल ने दी पेशकश कार्यक्रम में ख्वाजा साहब की दरगाह के शाही कव्वाल सैयद असरार हुसैन ने छाप तिलक सब छीनी मौसे., तू बड़ा गरीब नवाज है., ऐ री सखी मोरे ख्वाजा., बिन साजन के रात बिताऊं सखी. आदि जैसी सूफियाना सुरूर में डूबे कलाम पेश किए।