पुष्कर. रावत समाज का दूल्हा अब घोड़ी पर बैठ कर तोरण मार सकेगा। साथ ही शादी में ढोल भी बज सकेंगे।
यह निर्णय रविवार को यहां रावत समाज के मंदिर में अजमेर रावत महासभा के अध्यक्ष ज्ञान सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित सभा में सर्वसम्मति से किया गया।
प्रवक्ता एडवोकेट भिंया सिंह रावत ने बताया कि अब तक शादी-ब्याह के दौरान समाज में घोड़ी व ढोल के उपयोग पर पाबंदी लगी हुई थी। इसके अलावा सभा में समाज बंधुओं ने लगभग एक लाख रुपए धर्मशाला निर्माण के लिए जमा कराए।
आरंभ में महासभा के पूर्व अध्यक्ष रामसिंह गनाहेड़ा के कार्यकाल में खरीदे गए नए भवन पर उनकी स्मृति में शिलालेख लगाया गया। बैठक में महामंत्री फूलसिंह, संरक्षक बीरम सिंह, पूर्व अध्यक्ष मोहन सिंह, मदन सिंह सहित अनेक समाज बंधु एवं सर्किल अध्यक्ष मौजूद थे। संचालन मंत्री राजेंद्र सिंह रावत ने किया।