नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यदि कोई मकान मालिक अपना कारोबार शुरू करना चाहता है तो किराएदार को इसके लिए मकान खाली करना होगा। भले ही मकान मालिक को इसका कोई पूर्व अनुभव न हो।
जस्टिस मरकडेय काटजू तथा अशोक कुमार गांगुली की बेंच ने कहा कि यदि मकान मालिक के लिए नया कारोबार शुरू करने के लिहाज से मकान खाली कराना जरूरी हो गया हो तथा वह यह दावा प्रभावी ढंग से साबित करने में सक्षम हो, तो उसके इस विशेषाधिकार से इनकार नहीं किया जा सकता। बेंच ने ये टिप्पणियां मकान मालिक तथा याचिकाकर्ता रामबाबू अग्रवाल को विचारार्थ स्वीकार करते हुए कीं। अग्रवाल ने अपनी अपील में मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती दी थी।
शीर्ष कोर्ट ने कहा, ‘यह कतई जरूरी नहीं कि व्यक्ति को कारोबार में सफल होने के लिए कोई पूर्व अनुभव हो। यहां तक कि कोई नौसिखिया भी इसमें कामयाब हो सकता है। इसका मतलब यह नहीं है कि नया कारोबार शुरू करने का उसका दावा इस आधार पर खारिज कर दिया जाए कि वह झूठा है।’