घड़साना. रबी फसल में सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की मांग को लेकर इंदिरा गांधी नहर परियोजना के प्रथम चरण क्षेत्र की मंडियों में सोमवार को बंद का व्यापक असर रहा।
किसानों की भावनाओं के दृष्टिगत अनेक व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे तथा बार संघ ने भी कामकाज नहीं किया। बंद के मद्देनजर गली-मोहल्लों में सन्नाटा पसरा रहा। बंद समर्थक नारेबाजी करते हुए पड़ाव स्थल पर पहुंचे। सुबह ही नजदीकी गांवों सात, 12 केएनडी, खानूवाली, रावलागांव, नाहरांवाली, तीन जेएम, 12 एमएलडी, कुंडल व 281 हैड से किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों के जरिए पड़ाव स्थल पर पहुंच गए। दोपहर को पड़ाव स्थल पर किसान व्यापारी मजदूर संघर्ष समिति की सभा हुई, जिसमें वक्ताओं ने कांग्रेस सरकार को जमकर कोसा।
सभा को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने कहा कि डैम का लेवल 1343 फीट होने के दौरान जितना पानी तत्कालीन भाजपा सरकार ने दिया था, वही छह बारी पानी किसानों को दिया जाए।
बेनीवाल ने आंदोलन की अगली रणनीति की घोषणा करते हुए कहा कि घड़साना में महापड़ाव जारी रहेगा। दीपावली के बाद 19 अक्टूबर को खाजूवाला के किसान उपखंड कार्यालय के समक्ष, 22 अक्टूबर को अनूपगढ़ तथा इसके तीन दिन बार सूरतगढ़ में महापड़ाव शुरू कर प्रथम चरण क्षेत्र में प्रशासन ठप किया जाएगा। अनूपगढ़ विधायक पवन दुग्गल ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की हितैषी होने का ढोंग बंद करे।
उन्होंने कहा कि यदि किसानों का हक छीना तो अंजाम बुरा होगा। लड़ाई की आग रावतसर व खाजूवाला तक पहुंच चुकी है। सरकार ने देरी की तो यह आग पूरे प्रदेश में फैल जाएगी। संघर्ष समिति के अध्यक्ष संत लेखासिंह ने कहा कि क्षेत्र का किसान हक के लिए किसी भी हद तक जा सकता है। इसका सबूत पिछले चार सालों में दिया जा चुका है।
भाजपा नेता हरनेकसिंह कलेर ने कहा कि जब वसुंधरा सरकार पौंग बांध में 1343 फीट के लेवल में छह बारी सिंचाई पानी दे सकती है तो वर्तमान सरकार तीन बारियां देकर किसान हितैषी होने का झूठा दावा क्यों कर रही है। सभा को बसपा महासचिव श्रवण सिंगाठिया, जंगीरसिंह, लक्ष्मणसिंह, राजू जाट, हनुमान कड़वासरा, महेंद्र तरड़, तारासिंह, हरविंद्रसिंह व राकेश ठोलिया ने भी संबोधित किया।
महापड़ाव के मद्देनजर विभिन्न ग्राम पंचायतों में नरेगा मजदूरों ने कार्य का बहिष्कार किया। ग्राम पंचायत कुंडल के नरेगा श्रमिक भारतीय किसान संघ के तहसील सचिव अशोक गोदारा, 13 डीओएल के श्रमिक जगदीश व खानूवाली के नरेगा श्रमिक शालू मेघवाल के नेतृत्व में सभास्थल पर पहुंचे।