Ganga Nagar
राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि: डीआईजी
Bhaskar News Tuesday, October 13, 2009 01:05 [IST]  

श्रीगंगानगर. बीएसएफ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और इसी मकसद से तारबंदी के समीप खेती करने वाले किसानों को चार फीट के बजाय अब दो फीट की फसलों की बुवाई करने के निर्देश दिए हैं।



इसका उद्देश्य लोगों की हिफाजत करना है, न कि काश्तकारों को परेशान करना। यह जानकारी बीएसएफ की राजस्थान फ्रंटियर के डीआईजी (जी) आरसी ध्यानी ने सोमवार सुबह बटालियन मुख्यालय में प्रेस वार्ता में दी।




जोधपुर से घड़साना, अनूपगढ़, रायसिंहनगर व श्रीकरणपुर सीमा चौकियों का दौरा करते हुए श्रीगंगानगर पहुंचे डीआईजी ध्यानी ने कहा कि दिवाली के मद्देनजर बीएसएफ ने सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। हालांकि उन्होंने माना कि घुसपैठ का कभी भी समय तय नहीं होता, लेकिन असामाजिक तत्व त्योहार व अन्य राष्ट्रीय पर्वो के दौरान भारत में अशांति फैलाने की फिराक में रहते हैं। उनके इन्हीं मंसूबों को विफल करने के लिए सीमा का दौरा कर सुरक्षा का जायजा लिया गया है और जवानों से रूबरू होकर उनकी समस्याएं भी जानी गई हैं।




अनूपगढ़ में पिछले दिनों घुसपैठ के प्रयास पर उन्होंने माना कि घुसपैठ का उद्देश्य कभी भी सही नहीं होता। एक संभावना यह होती है कि घुसपैठिया बीएसएफ की सतर्कता देखने आया हो और यह भी हो सकता है कि वह किसी वारदात की फिराक में हो। फिलहाल श्रीगंगानगर में चौकसी की बदौलत घुसपैठ की एक भी कोशिश सफल नहीं हो पाई है।



उन्होंने कहा कि जैसलमेर के रेतीले इलाकों में तारबंदी के ढहने के कारण नियमित रूप से वहां प्रशिक्षित खोजी व जवान चेकिंग करते हैं। इस दौरान वे पैरों के निशान देखकर पता लगाते हैं कि उस पार से भारतीय सीमा में कोई आया तो नहीं। उन्होंने कहा कि घुसपैठिए अब जानवरों की नाल पैरों में पहनकर घुसपैठ का प्रयास करते हैं। इससे पैरों के निशान नहीं दिखते।



इस चुनौती से निपटने के लिए भी बीएसएफ पर्याप्त कदम उठा रही है। डीआईजी हिंदुमलकोट सीमा चौकी का दौरा कर दोपहर को अमृतसर के लिए रवाना हो गए। वार्ता में श्रीगंगानगर बटालियन के कार्यवाहक कमांडेंट आरके अरोड़ा व डिप्टी कमांडेंट ओपी चाहर भी मौजूद थे।



रेंजर्स बैठक में उठेगा घुसपैठियों के शव का मामला : डीआईजी ध्यानी ने कहा कि बीएसएफ अधिकारियों व पाक रेंजर्स में होने वाली बैठकों में हर बार सीमा पर मारे जाने वाले घुसपैठियों के शव का मुद्दा उठता है। इस बार भी पाकिस्तान में होने वाली उक्त बैठक में यह मुद्दा उठेगा। यह बैठक इसी सप्ताह पाकिस्तान में होगी। उल्लेखनीय है कि घुसपैठ के दौरान मारे जाने वाले घुसपैठियों के शव पाक रेंजर्स अक्सर लेने से इंकार कर देते हैं। इससे मजबूरन बीएसएफ को शव वहीं सीमा क्षेत्र में दफनाने पड़ते हैं।

 
 


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