पाली. शहर में कल-कारखानों से निकलने वाले रसायनयुक्त पानी को ट्रीट करने के लिए संचालित तीन प्लांटों तथा नवनिर्मित चौथे ट्रीटमेंट प्लांट आपस में जुड़ गए हैं।
इन प्लांटों को पाइपलाइन से कनेक्ट किया गया है। चारों प्लांटों के आपस में जुड़ने से रसायनयुक्त पानी ओवरफ्लो होने के समस्या से पूरी तरह से मुक्ति मिल जाएगी। साथ ही एक=दूसरे प्लांट में भी पानी आसानी से भेजा जा सकेगा।
पाली जल प्रदूषण परिशोधन एवं अनुसंधान फाउंउेशन ने सुचारू तीन तथा पुनायता के नवविकसित औद्योगिक क्षेत्र में चौथे प्लांट को आपस में कनेक्ट करने के लिए देश के प्रमुख शहरों में सीवरेज लाइन बिछाने वाली कंपनी दिवीजा इंफास्ट्रचर लिमिटेड को करीब साढ़े चार किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने व सेंपवल बनाने का टेंडर 72 लाख रुपए में जारी किया था। यह कार्य दिसबंर माह तक पूरा किया जाना था, मगर ठेकेदार कंपनी ने इसे अक्टूबर में ही पूरा कर सीईटीपी को सौंप दिया है।
शेडच्युल के अनुसार प्लांट संख्या एक, दो व चार को पाइपलाइन से जोड़ा गया है, वहीं प्लांट तीन पर सेंपवेल का निर्माण कराया गया है। पहले से ही संचालित तीनों प्लांटों करीब 22 एमएलडी पानी ट्रीट किया जाता है। पुनायता के नवविकसित औद्योगिक क्षेत्र में 12 एमएलडी क्षमता का चौथा ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
कारखानों से पानी अधिक मात्रा में आने के कारण कई बार इन प्लांटों में पानी ओवरफ्लो की स्थिति बन जाती थी। यह योजना काफी समय लंबित चल रही थी। प्लांटों के कनेक्ट होने के बाद जिस प्लांट पर पानी ओवरफ्लो होगा वह पाइपलाइन के जरिए अन्य :लांट तक पहुंचाकर ट्रीट किया जा सकेगा।
बिछा दिए जंगरोधक पाइप
चारों ट्रीटमेंट प्लांटों को जोड़ने वाली इस योजना के तहत प्लांट संख्या एक,दो तथा चार के लिए 600 एमएम साइज के जंगरोधक पाइपलाइन बिछाई गई है। प्लांट तीन के बाहर पहले सेंपवेल बनाया गया। इसके बाद पाइपलाइन से जोड़ने के लिए 200 एमएम साइज का पाइप बिछाया गया है।