नई दिल्ली . अमेरिका की फोर्ड फाउंडेशन द्वारा चलाई जाने वाली इंटरनेशनल फैलोशिप प्रोग्राम अब सिर्फ 2010 तक उपलब्ध कराई जायेगी। इस बात की जानकारी आइफपी, निदेशक विवेक मनसुखानी ने दी। विवेक मनसुखानी बीते दिनों वाराणसी में आइफपी उम्मीदवारों की अंतिम सूची की घोषणा के लिए आए हुए थे|
2001 में शुरू हुए इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा के आयामों को विस्तृत कर जन सामान्य तक पहुंचना और एक नए समृद्ध एंव साक्षर पीढी का निर्माण करना है।
फाउंडेशन द्वारा इस प्रोग्राम के लिए 355 लाख डॉलर की निधि 10 साल की अवधी के लिए प्रदान की गई है। यह प्रोग्राम एशिया, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका, अरब समेत 22 देशों से चयनित उम्मीदवारों को तीन साल की एडवांस्ड स्टडीज के लिए फैलोशिप प्रदान करता है| 2010 में इस प्रोग्राम की आखीरी लिस्ट जारी होगी।
मनसुखानी ने कहा कि वह जल्द ही भारत सरकार और स्वैच्छिक संगठनों से इस प्रोग्राम को जारी रखने के लिए निधि उपलब्ध करने की बात करेंगे। फैलोशिप के लिए प्रार्थी को न्यूनतम 55% के साथ किसी भी मान्यता प्राप्त भारतीय विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर होना आवश्यक है|