काम का स्वरूप किसी बड़े इवेंट के दौरान कई सावधानियां बरतनी पड़ती हैं जिसमें बिजली का समुचित व सुरक्षित इंतजाम, दर्शकों के बैठने की व्यवस्था, इवेंट में शामिल कलाकारों से तालमेल मुख्य तौर पर शामिल है। किसी इवेंट को आयोजित करने से पहले उसके लिए जरूरी व्यवस्थाओं का ज्ञान, कुछ अलग हटकर बनाने का विचार और मीडिया को निमंत्रित करने का तरीका आना चाहिए। कार्य की श्रेणियां इवेंट मैनेजमेंट को मोटे तौर पर तीन वर्गो में बांटा जा सकता है। आमतौर पर इस क्षेत्र में स्पोर्ट्स इवेंट मैनेजमेंट, मीडिया के माध्यम से प्रचार (टीवी व अखबार का कवरेज), कारपोरेट इवेंट मैनेजमेंट, पार्टीज और शादियों के आयोजन की जिम्मेदारी दी जाती है। जरूरी कोर्स कई संस्थान इवेंट मैनेजमेंट के क्षेत्र में डिग्री या डिप्लोमा कोर्स करवा रहे हैं। इन कोर्सेस में किसी इवेंट को मैनेजमेंट के मूल सिद्धांतों के अनुरूप संजोना सिखाया जाता है। इसके अलावा एकांउट्स, पब्लिक रिलेशंस, स्पॉन्सरशिप, लॉजिस्टिक्स (केटरिंग, साउंड, लाइट्स और डेकोरेशन), इवेंट संबंधी कानून, मॉडर्न इवेंट का परिदृश्य, कारपोरेट इवेंट्स, टीम लीडरशिप और को-ऑर्डिनेशन के बारे में भी सिखाया जाता है।। पारिश्रमिक इवेंट मैनेजमेंट का कोर्स पूरा करने के बाद इस तरह का काम करने वाली एजेंसी से जुड़कर अनुभव लेना ठीक रहता है। कुछ वर्ष का अनुभव हासिल करने के बाद आप चाहें तो स्वयं का काम भी शुरू कर सकते हैं। ज्यादातर कारपोरेट घराने अपनी कंपनी में एक इवेंट आयोजित करने वाले विभाग का गठन करते हैं। इवेंट मैनेजमेंट एजेंसी में आपकी शुरुआत पांच से दस हजार रुपए से हो सकती है। कोर्स करवाने वाले संस्थान इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, नई दिल्ली इवेंट मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट, मुंबई इंटरनेशनल सेंटर फॉर इवेंट मार्केटिंग, नई दिल्ली इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, मुंबई एमिटी इंस्टीट्यूट ऑफ इवेंट मैनेजमेंट, नई दिल्ली
इवेंट मैनेजमेंट इंडस्ट्री देश में बहुत तेजी से विकास कर रही है। एक अनुमान के मुताबिक अगले पांच वर्षो में इसका कारोबार 500 करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।