कोटा. शहर में चल रहे विकास कार्र्यो में गति नहीं आने पर कलेक्टर ने अधिकारियों से नाराजगी प्रकट करते हुए कहा, आखिर कार्य पूर्ण क्यों नहीं हो रहे।
सोमवार को टैगोर हॉल में आयोजित बैठक में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को बुलाकर चल रहे कार्र्यो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन परियोजनाओं में दो से अधिक विभाग सम्मिलित हैं, वे समस्याओं को परस्पर समन्वय से पूरा करें, अनावश्यक पत्राचार में समय व्यर्थ नहीं करें।
भूमि अधिग्रहण कार्य पूरा करें : कलेक्टर ने यूआईटी के माध्यम से हो रहे चंबल पुलिया दोहरीकरण कार्य में अभी तक भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा नहीं होने पर थोड़ी सी नाराजगी प्रकट करते हुए कहा कि इसे शीघ्र पूरा करें।
क्यों नहीं हो रहा भुगतान : निर्माणाधीन केन्द्रीय रसोईघर के लिए यूआईटी द्वारा 15 लाख रुपए दिए जाने के बावजूद कार्य पूरा नहीं करने पर कलेक्टर ने नाराजगी प्रकट की। इस राशि को जिला परिषद ने पुन: न्यास को लौटा दिया था।
भूखंडों की जानकारी मांगी : उद्यमियों द्वारा 10 से 15 वर्ष पहले उद्योग लगाने के लिए भूखंड आवंटित करवाकर उद्योग नहीं लगाने या उसका दूसरे कार्य में उपयोग किए जाने को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने उद्योग केन्द्र अधिकारी से इसकी जानकारी मांगी है।उन्होंने कहा कि इसकी विस्तृत रिपोर्ट दी जाए।
सीएनजी के लिए व्यावसायिक दर : बैठक में न्यास की एसई अंजू शर्मा ने बताया कि सीएनजी गैस के लिए चार में से तीन स्थानों पर भूखंड देने पर सहमति दे दी गई है। इनका भुगतान व्यावसायिक दर पर करना होगा। इसके लिए स्वीकृति राज्य सरकार से मांगी जाएगी