कोटा. राजस्थान हाईकोर्ट बैंच स्थापना की मांग को लेकर वकीलों का आंदोलन 45 वें दिन भी जारी रहा।
संघर्ष समिति के आह्वान पर समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार सुबह 9 बजे कोर्ट परिसर में आए और परिसर के दोनों मुख्य द्वारों पर ताले जड़ दिए। वकीलों ने पक्षकारों, टाइपिस्टों एवं मुंशियों को कोर्ट परिसर से बाहर निकाल दिया, जिससे दिनभर परिसर में सन्नाटा छाया रहा।
द्वारों पर ताले लगे होने के कारण न्यायिक अधिकारियों एवं कर्मियों को चकरी गेट से प्रवेश कर अदालत में गए। मजिस्ट्रटों ने अपनी गाड़ियों को कलेक्ट्रेट परिसर में पार्किग करनी पड़ी। दूरदराज से कोर्ट में तारीख पेशियों पर आए पक्षकारों को कोर्ट परिसर के मुख्य द्वारों पर ताले खुलने का इंतजार करते रहे।
मूल निवासी प्रमाण-पत्र नहीं बने टाइपिंग का कार्य बंद होने से आमजन सोमवार को मूल निवासी प्रमाण-पत्र एवं जाति प्रमाण-पत्र सहित अन्य दस्तावेज नहीं बनवा सके। हाड़ौती के वकीलों की बैठक 14 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे अभिभाषक परिषद के पुस्तकालय भवन में होगी।
दो बजे बाद चली बसें
तीन स्थानों पर जाम के चलते रोडवेज की बसें सुबह से नहीं चलीं। इसके चलते यात्री परेशान होते रहे। ट्रैफिक मैनेजर यूनिस खान के अनुसार दोपहर करीब पौने दो बजे से बसों का संचालन शुरू किया गया।