कोटा . कोटा में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के तहत सोमवार को वकीलों और राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने नेशनल हाईवे 76 एवं 12 पर जाम लगा दिया।
इससे बारां, बूंदी एवं झालावाड़ से कोटा आने वाले तीनों मार्र्गो पर यातायात ठप हो गया। वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। काफी इंतजार के बाद पुलिस ने आंदोलनकारी विधायकों एवं प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर जाम हटाया। गिरफ्तार नेताओं एवं वकीलों को बाद में छोड़ दिया गया। पुलिस को यातायात सामान्य करवाने में शाम तक मशक्कत करनी पड़ी।
डेढ़ माह बाद उग्र हुए वकील : दोनों हाईवे पर करीब 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक हुए चक्काजाम से आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दीवाली की खरीदारी करने आसपास से आने वाले ग्रामीण एवं व्यापारी तथा कई सरकारी कर्मचारी जाम में फंस गए। इस दौरान कोटा से जाने वाली रोडवेज बसें भी बंद रही, जिससे शहर से बाहर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
इससे पूर्व पुलिस ने बारां एवं झालावाड़ रोड पर विधायक भवानीसिंह राजावत, पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल सहित प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर मार्ग खुलवाया। उन्हें कुछ देर बाद ही रिहा कर दिया गया। बूंदी रोड पर विधायक ओम बिरला एवं प्रदर्शनकारियों को बिना गिरफ्तार किए ही जाम हटा दिया गया।
झालावाड़ रोड : नेशनल हाइवे 12 पर अनंतपुरा नाके के पास कार्यकर्ताओं ने सुबह 11 से जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने यहां किसी भी तरह के वाहनों को निकलने नहीं दिया। पुलिस दो घंटे तक मूकदर्शक बनी देखती रही।
बूंदी रोड : नेशनल हाइवे 12 पर कुन्हाड़ी पुलिया के निकट वकीलों एवं भाजपाइयों ने सुबह 10.30 से जाम लगा दिया। जाम के दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और टायर जलाकर रोड पर बैठ गए।
बारां रोड : वकीलों के साथ भाजपा एवं अन्य संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सुबह 10.15 बजे नेशनल हाइवे 76 पर बोरखेड़ा में जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की।
हड़ताल का असर
हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर कोटा में वकीलों के सोमवार को घोषित चक्काजाम को देखते हुए बूंदी से सुबह दस से दोपहर दो बजे तक रोडवेज बसों का कोटा के लिए आवागमन बंद रहा। मुख्य प्रबंधक राधेश्याम मीणा के अनुसार इससे करीब अस्सी बसें प्रभावित हुईं।
रोडवेज को 64 हजार रुपए का नुकसान हुआ। साथ ही बड़ी संख्या में यात्री बस स्टैंड पर फंसे रहे व उन्हें परेशान होना पड़ा। अन्य स्थानों से आकर कोटा जाने वाली बसों को भी बूंदी से ही लौटना पड़ा। इधर, यहां भी वकीलों ने बाइपास पर करीब आधे घंटे तक मार्ग अवरुद्ध रखा।
बारां से सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक रोडवेज बसों का कोटा के लिए आवागमन बंद रहा। इससे पन्द्रह गाड़ियां निरस्त हरुई व रोडवेज को करीब पचास हजार का नुकसान हुआ। इससे बस स्टैंड पर यात्रियों को काफी परेशानी हुई। यहां वकीलों ने किसी प्रकार का आंदोलन नहीं किया।
झालावाड़ रोडवेज की बसों को कोटा के लिए तय समय पर रवाना किया गया, मगर वहां पहुंच केवलनगर पर हो रहे वकीलों के चक्काजाम के कारण सवारियों को वहीं छोड़ना पड़ा। साथ ही सवारियां भी वहीं से भरकर लाई र्गई। बसों का आवागमन समय पर नहीं होने व अन्य कारणों से रोडवेज को करीब एक लाख बीस हजार के राजस्व का नुकसान हुआ। वकीलों ने नेशनल हाईवे 12 को करीब पौन घंटे अवरुद्ध रखा।