ग्वालियर . रक्षा विहार में रक्षा अनुसंधान व विकास संस्थान (डीआरडीई) के जूनियर वैज्ञानिक डॉ. सुशील शर्मा की बलि देने के प्रयास के आरोपी वैज्ञानिक डॉ. एम कामेश्वर राव की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। यह खुलासा सोमवार को संस्थान के निदेशक डॉ. आर विजय राघवन ने किया।
डॉ. राघवन ने संवाददाताओं को बताया कि आरोपी वैज्ञानिक डॉ. कामेश्वर राव का मानसिक इलाज किया जा रहा है। जूनियर वैज्ञानिक डॉ. सुशील के साथ 6 अक्टूबर की रात हुई घटना के एक दिन पूर्व डॉ. कामेश्वर का अपनी पत्नी से झगड़ा हुआ था। झगड़े के बाद डॉ. कामेश्वर की पत्नी को पड़ोसी के यहां शरण लेनी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि इस घटना के बाद ही डीआरडीई प्रशासन ने डॉ. कामेश्वर के परिजनों से सम्पर्क कर उन्हें ले जाने को कहा था और बाद में परिजन डा. कामेश्वर को आंध्र प्रदेश स्थित अपने घर ले गए।
उन्होंने जांच के संबंध में डॉ. कामेश्वर को बुलाए जाने के सवाल पर कहा कि विभागीय जांच समिति को जब जरूरत पड़ेगी तो उनकी मानसिक स्थिति देखकर परिजनों से सम्पर्क करने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। निदेशक ने डॉ. सुशील शर्मा के संबंध में बताया कि वह डॉ. कामेश्वर के पुराने दोस्त भी रहे हैं। डॉ. सुशील शर्मा के साथ 6-7 अक्टूबर की रात घटना हुई है, इसमें कोई संदेह नहीं है। डॉ. कामेश्वर द्वारा तंत्र-मंत्र किए जाने व बलि के प्रयास के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पूजा-पाठ तो अधिक करते हैं, जहां तक बलि प्रयास की बात है, तो इस आरोप की जांच की जा रही है।