Gwalior
ग्रह टालने को करें उपासना
नगर संवाददाता Tuesday, October 13, 2009 04:10 [IST]  

ग्वालियर. छह साल बाद दीपावली के दिन शनिश्चरी अमावस्या का सुयोग बन रहा है। साथ ही, इसी दिन कन्या राशि में पांच ग्रहों सूर्य, चंद्र, बुध, शुक्र व शनि की युति बन रही है। वर्ष 2003 में भी ऐसी स्थिति बनी थी। ज्योतिर्विदों का कहना है कि इस संयोग के कारण किसी तरह के संकट को टालने के लिए हनुमानजी, महादेव व शनिदेव की उपासना लाभदायक है। यह दिन उग्रदेवों की स्तुति के लिए भी उत्तम माना गया है। ज्योतिषाचार्य विजय भूषण वेदार्थी के भी यही विचार हैं, उनके अनुसार, दीपावली पर शनिश्चरी अमावस्या का संयोग साधना-उपासना के लिए फायदेमंद है। मंत्र सिद्धि के लिए भी यह योग उत्तम है। उन्होंने बताया कि पंचग्रही योग के कारण देश-दुनिया में प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं। खाद्य पदार्थो में भी तेजी बनी रहेगी। शेयर बाजार में भारी उथल-पुथल की संभावना है।



ज्योतिर्विदद्वय केपी नारौलिया व बसंत दयाल अग्रवाल ने इस दिन व्यापारियों व राजनेताओं को हनुमानजी की उपासना करने की सलाह दी है। पं.सुनील जोशी जुन्नकर का कहना है 17 अक्टूबर को कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी दोपहर 12:36 बजे तक है। इसके उपरांत अमावस्या प्रारंभ होगी, जो दूसरे दिन सुबह 11 बजे तक रहेगी। 17 अक्टूबर को चतुर्दशीयुक्त दर्श अमावस्या है। सिद्धांतानुसार दर्श अमावस्या पितृ कार्य के लिए ग्रहण की जाती है, किंतु इस बार मजबूरन हमें पितृ कार्य अमावस्या को देव कार्य करना पड़ेगा।



लौह धातु में आएगी तेजी



ज्योतिषाचार्य नरेन्द्रनाथ पाण्डेय के अनुसार, शनिवार को दीपावली होने के कारण सोने-चांदी, सीमेंट, लोहा, खाद्यान्न के दामों में उछाल रहेगा। तिलहन और इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं के मूल्यों में गिरावट का योग है। डा.राजेश्वर शास्त्री मुसलगांवकर ने बताया कि दीपावली शनिवार को होना अशुभ प्रद है, विशेषकर पश्चिमी देशों के लिए। संतोष की बात यह है कि अमावस्या के निकट काल में सूर्य संक्रांति के होने से अशुभ फलों में कमी आएगी।

 
 


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