Alwar
9 माह, 3 लाख बीमार
Bhaskar News Tuesday, October 13, 2009 04:10 [IST]  

अलवर. जिले में हो रहीं हैं मौतें, स्वास्थ्य विभाग के पस रिकॉर्ड नहीं अलवर।



जिला खतरनाक वायरल बुखार की चपेट में हैं। नौ महीने में जिले में ३ लाख ३८ हजार लोग बुखार की चपेट में आए हैं। इनमें ज्यादातर लोग वायरल से पीड़ित थे। इन दिनों चल रहे बुखार में रोगियों के मलेरिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू के टेस्ट नेगेटिव आ रहे हैं लेकिन बुखार से मरने वालों की संख्या हर रोज बढ़ रही है।



कुछ ही दिनों में शरीर के अंगों को प्रभावित करने वाले इस बुखार से चिकित्सक भी हैरान हैं। चिकित्सक इसे वायरल बुखार मानकर इलाज कर रहे हैं।
१ जनवरी से ३ अक्टूबर तक स्वास्थ्य विभाग ने जिले ३ लाख ३८ हजार ३९५ बुखार पीड़ितों के रक्त के नमूने लिए। ये आंकड़े मलेरिया विभाग के हैं। विभाग ने बुखार पीड़ित रोगियों की रक्त स्लाइड्स लेकर जांच की है। इनमें से ११७३ रोगी ही मलेरिया पीड़ित पाए गए। ज्यादातर लोग वायरल से पीड़ित बताए जाते हैं। पिछले एक सप्ताह में ही जिले में १२ हजार बुखार पीड़ित अस्पतालों में पहुंचे।




मौसम में आए बदलाव के बाद वायरल बुखार ने जोर पकड़ा हुआ हैं। ‘गले में खरास या खांसी-जुकाम के बाद सिर, बदन दर्द और बुखार’। जिले में इन दिनों लोग ऐसे ही संक्रमण की गिरफ्त में हैं। चिकित्सकों का मानना है कि साधारण वायरल बुखार तो ३ से ७ दिन में ठीक हो जाता है लेकिन जटिलता आने से कई मरीजों की जान बचाना मुश्किल हो जाती है।



इन दिनों फैला वायरल बुखार किडनी, हार्ट, फैफड़ों को प्रभावति कर रहा है। रोगी में प्लेटलेट्स भी कम आ रहे हैं। गंभीर हालत होने पर रोगी की दो से तीन दिन में ही मौत हो जाती है। जिले में बुखार से हो रही मौतों पर स्वास्थ्य विभाग आंखें मूंदे हुए हैं। मलेरिया, डेंगू से पीड़ित रोगियों के आंकड़े तो स्वास्थ्य विभाग बना रहा है लेकिन बुखार से हो रही मौतों का उसके पास कोई रिकॉर्ड नहीं है।




क्या कहते हैं निजी हॉस्पिटल संचालक



सोलंकी अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ.जीएस सोलंकी के अनुसार अस्पताल में हर रोग ३५-४क् मरीज वायरल से पीड़ित आ रहे हैं। इनमें ज्यादातर गंभीर रोगी होते हैं। अस्पताल में वायरल बुखार से मरने वालों की संख्या हर माह ८-१क् के बीच आ रही है। लाइफ लाइन अपोलो अस्पताल के प्रबंध निदेशक डॉ.हरीश गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में हर रोग वायरल बुखार के ८-१क् गंभीर मरीज आ रहे हैं।



पिछले माह वायरल से ३ रोगियों की मौत हुई । उन्होंने बताया कि इस मौसम में वायरल एक साथ शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा रहा है।



हल्के में नहीं लें बुखार



डॉक्टरों का मानना है कि इन दिनों आ रहे बुखार को हल्के में नहीं लें। जिले में मलेरिया व डेंगू का भी संक्रमण है। समय बीतने के साथ केस गंभीर हो सकता है। बुखार ज्यादा दिन रहने से ब्लड में प्लेटलेट्स की कमी हो जाती है।




स्वाइन फ्लू से खतनाक है वायरल : चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में वायरल बुखार स्वाइन फ्लू से ज्यादा खतरनाक साबित हो रहा है। इसमें दो-तीन दिन में ही रोगी की हालत खराब हो जाती है और उसे बचाना मुश्किल हो जाता है।

 
 


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