ग्वालियर. देश में आतंक फैलाए स्वाइन फ्लू के मुकाबले के लिए भारत ने निरोधी किट तैयार की है। इसे रक्षा मंत्रालय के यहां स्थित रक्षा अनुसंधान व विकास संस्थान (डीआरडीई) के वैज्ञानिकों ने बनाया है। यह किट विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) द्वारा भारत भेजी जा रही किट से 60 प्रतिशत सस्ती है।
झांसी रोड स्थित डीआरडीई के वैज्ञानिकों ने स्वाइन फ्लू फैलाने वाले वायरस एच वन, एन वन से निपटने के लिए एक किट तैयार की है। किट में शामिल दवाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी रक्षा वैज्ञानिकों से नहीं मिल सकी है लेकन यह जरूर पता चला है कि इसके सभी परीक्षण पूर्ण कर लिए गए हैं।
वैज्ञानिकों ने केवल यही बताया कि किट में इस्तेमाल की गई दवाएं डब्ल्यूएचओ द्व्रारा तैयार किट से कम पAभावशाली नहीं है लेकिन कीमत साठ फीसदी कम है। डब्ल्यूएचओ वाली किट दस हजार रुपये में मिलती है जबकि यह चार हजार में मिलेगी। हृयूमन वेस्ट से बनेगा पानी: डीआरडीई वैज्ञानिकों ने एक ऐसा वायरस तैयार किया है जो हृयूमन वेस्ट को पानी में बदल देगा। इसके लिए विशेष प्रकार के टायलेट बनाए गए हैं जिनमें मौजूद वायरस वेस्ट को पानी में बदल देते हैं लेकिन इसमें प्लास्टिक एक बड़ी बाधा बन गई है। प्लास्टिक अगर वेस्ट के संपर्क में आता है या वेस्ट में प्लास्टिक आ जाए तब वायरस प्रभावी ढंग से काम नहीं कर पाता। इस पर डीआरडीई काम कर रहा है। उम्मीद है कि इस पर वैज्ञानिकों को सफलता मिल जाएगी।
सेना का मास्किटो रिप्लेंट अधिक असरकारक: डीआरडीई द्वारा तैयार मास्किटो रिप्लेंट भी बाजार में विकय किए जा रहे मास्किटो रिप्लेंट से ढाई गुना अधिक असरकारक है। डीआरडीई अभी इसकी सप्लाई केवल सेना के लिए कर रहा है।