Bikaner
365 में से 196 दिन ही पढ़ाई
नवीन शर्मा Tuesday, October 13, 2009 04:31 [IST]  

बीकानेर. राज्य के सभी विद्यालय शिक्षा विभाग की ओर से जारी शिविरा पंचांग से संचालित होते हैं। स्कूलों में शिक्षण कार्य के लिए दिन निर्धारित हैं लेकिन सभी तरह की छुट्टियों की गणना की जाए तो कोर्स पूरा करने के लिए दिन कम पड़ते हैं।



नए पंचांग में 240 कार्य दिवस, 52 रविवार और 73 अवकाश हैं। पंचांग में 365 में से 125 दिन अवकाश घोषित किया गया है। शिक्षकों के अवकाश पर सवाल उठते रहे हैं लेकिन यह अवकाश शिक्षकों के साथ-साथ बालकों के लिए भी होते हैं। तीज त्योहारों के दिन स्कूलों में छुट्टी रहती है।



इसके अलावा प्रत्येक जिले में दो अवकाश जिला कलेक्टर द्वारा, प्रत्येक विद्यालय में दो अवकाश संस्था प्रधान द्वारा और दो दिन जिला व दो दिन प्रांतीय स्तर के शैक्षिक सम्मेलन कुल छह अवकाश और होने से कार्य दिवसों की संख्या घटकर 234 ही रह जाती है। कक्षा शिक्षण दिनों की संख्या इससे भी कम है। क्योंकि विद्यालय खुलने वाले दिनों में पढ़ाई हो ही नहीं पाती है। शिक्षा सत्र 2009-10 में अगस्त, अक्टूबर, फरवरी में तीन परख के नौ दिन, दिसंबर में 13 दिन अर्धवाषिर्क परीक्षा और अप्रैल में 16 दिन वाषिर्क परीक्षा होगी। परख और परीक्षा के 38 दिन स्कूल तो खुलेंगे लेकिन पढ़ाई नहीं होगी। कक्षा एक से 12वीं तक स्कूलों में कक्षा शिक्षण के लिए केवल 196 दिन ही बचेंगे।



कक्षा 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मार्च में होती हैं। इन कक्षाओं में पढ़ाई फरवरी तक ही हो पाती है। पंचांग के अनुसार फरवरी तक कुल 172 दिन स्कूल खुलेंगे। इस दौरान एक जिला कलेक्टर व एक संस्था प्रधान द्वारा और चार दिन शैक्षिक सम्मेलन के कुल छह अवकाश होने से कक्षा 10वीं व 12वीं के लिए कुल 166 कार्य दिवस होंगे। इनमें से छह दिन दो परख व 13 दिन अर्धवार्षिक परीक्षा, 19 दिन कक्षा शिक्षण नहीं होगा। विद्यालयों में एक जुलाई से 28 फरवरी तक कक्षा 10वीं व 12वीं में कक्षा शिक्षण के लिए कार्य दिवस 147 बचते हैं लेकिन 10वीं कक्षा में पढ़ाई 142 दिन ही हो सकेगी। 10वीं व 12वीं कक्षा का पाठ्यक्रम माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर द्वारा निर्धारित किया जाता है। पाठ्यक्रम विभाजन के साथ ही बोर्ड शिक्षक द्वारा विषय को पढ़ाने के लिए कालांश भी निर्धारित करता है। बोर्ड का पाठ्यक्रम और विद्यालयों के शिक्षण दिनों में सामंजस्य नहीं है।



10वीं कक्षा में सामाजिक विज्ञान का पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए 240 और 12वीं कक्षा में भौतिक विज्ञान के लिए 180 कालांश निर्धारित हैं। ऐसा ही अन्य विषयों में भी है। सामाजिक विज्ञान के सप्ताह में आठ व भौतिक विज्ञान के छह सैद्धांतिक कालांश होते हैं। 140-145 दिनों में इन विषयों के 187 व 134 कालांश होंगे। स्थिति यह है कि शिक्षा विभाग में कम दिनों में शिक्षकों से अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से कोर्स पूरा करवाकर बालकों को परीक्षा के योग्य बनाया जा रहा है। मध्यावधि, शीतकालीन व ग्रीष्मकालीन अवकाश को छोड़कर प्रति वर्ष शिक्षकों के कार्य दिवसों की संख्या 238 से 245 रहती है।

 
 


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