Bhilwara
धर्म तलाई के रूप में बना था धांधोलाई तालाब
जसराज ओझा Tuesday, October 13, 2009 04:39 [IST]  

भीलवाड़ा. मौजूदा शहर के बीच में धांधोलाई तालाब है।



यहां से कभी शहर के लोग पहले पीने के लिए पानी ले जाते थे। इसे विक्रम सवंत 2002 में बनाया गया था। कई लोगों को यह नहीं पता कि धांधोलाई कहां है, क्योंकि यूआईटी ने इसका नाम बदलकर नेहरू तलाई रख दिया है। प्राइवेट बस स्टैंड के पास ही धांधोलाई की पाल पर नेहरू गार्डन बना हुआ है। पाल पर एक प्राचीन शिलालेख भी लगा हुआ है।




मेवाड़ महाराणा भोपाल सिंह के आदेश पर पशु-पक्षियों व जनता के पानी पीने के लिए इस तालाब का निर्माण किया गया। गुसाई हरिद्वार गिरी ने विक्रम संवत २क्क्२ में २५ हजार रुपए चंदा एकत्रित कर यह पाल बनाई गई। उस समय मेवाड़ महाराणा ने एक फरमान जारी कर धांधोलाई तालाब से सिंचाई के लिए पानी लेने व इसमें मछली पकड़ने पर सख्त पाबंदी लगाई थी।




इसका पालन कराने के लिए सभी धर्मो के लोगों को शपथ भी दिलाई थी। शिलालेख पर स्पष्ट लिखा है कि आज्ञा का उल्लघंन करने वाले को कड़ी सजा दी जाएगी। व्यास विष्णुराम शास्त्री द्वारा लिखे गए शिलालेख पर इसका नाम धर्म तलाई रखा गया। उस समय तालाब के आसपास आबादी क्षेत्र कम था। धांधोलाई तालाब में आज भी मछली पालन नहीं होता है, लेकिन इसकी देखरेख नहीं होने से यह तलाई लोगों के लिए परेशानी बन गई है। इसका पानी कभी अमृत बन लोगों के काम आता था, लेकिन आज पर्याप्त सफाई के अभाव में दरुगध आती है।

 
 


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