बीकानेर. ‘रात को लगभग 11.30 बजे हम चार छात्र हॉस्टल कैंपस में खड़े थे। बाहर पुलिस की गाड़ी रुकी, दीवार फांदकर पुलिसकर्मी अंदर आए। हमें पकड़कर थाने ले गए वहां गालियां निकाली, मोबाइल छीन लिए, मुर्गा बनाया, पूछा-हॉस्टल में बर्थ-डे कैसे मनाते हो, केक खाया अब (टायलेट की तरफ इशारा कर) इसे भी खाओ। वार्डन से बात नहीं करने दी। एक घंटे तक बुरी तरह प्रताड़ित किया और बाद में एक स्टूडेंट को दूसरे के कंधे पर बिठा दिया और हॉस्टल तक इसी तरह ले जाने का आदेश दिया।’
कुछ ऐसा ही मजमून है मेडिकल स्टूडेंट्स की ओर से पुलिस अधीक्षक और कॉलेज प्रिंसिपल को घटना के बारे दी गई जानकारी के पत्र का। वर्ष 2007 बैच के हॉस्टल नंबर चार में रहने वाले इन छात्रों का कहना है, रविवार देर रात हुई इस घटना के बाद जब पीड़ित छात्र वापस हॉस्टल पहुंचे तो उन्होंने इसकी जानकारी दी।
इसके बाद हॉस्टल के काफी लड़के एकत्रित होकर थाने पहुंचे मगर उन्हें डंडे बजाकर भगा दिया। ऐसे में देर रात सभी स्टूडेंट कॉलेज प्रिसिपल डा.आर.बी.पंवार के घर पहुंचे और उन्हें सारी घटना की जानकारी दी। इन स्टूडेंट्स ने पूरी घटना का ब्यौरा कॉलेज प्रिंसिपल को देने के साथ ही सोमवार को पुलिस अधीक्षक और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक से भी मुलाकात कर स्थिति बयां की और संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग रखी है।