भीलवाड़ा. बदनौर के दो सरकारी स्कूलों में अधूरे कमरों का भाजपाइयों ने आनन-फानन में उद्घाटन करवा दिया।
प्रबंधन तक को सूचना नहीं दी गई। उद्घाटन पट्टिका पर ग्राम सचिव का भी नाम लिखा हुआ है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कलेक्टर को जांच करने के निर्देश दिए हैं। नाबार्ड योजना के तहत आसींद तहसील के बदनौर स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में 11 लाख एवं बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में 8 लाख रुपए कमरों के निर्माण के लिए स्वीकृत हुए।
कमरे पूरे बने भी नहीं कि दो सितंबर को शाम पांच बजे ग्राम पंचायत ने मेले के अवसर पर आनन-फानन में अपूर्ण कमरों के बाहर बरामदे में पत्थर लगवा उद्घाटन की रस्म पूरी कर ली। उद्घाटन पट्टिका पर मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद वी.पी.सिंह, अध्यक्ष के तौर पर आसींद विधायक रामलाल गुर्जर, अतिविशिष्ट अतिथि प्रधान हंजादेवी गुर्जर, पंचायत समिति सदस्य कमला मारू, सरपंच कन्हैयालाल चंदेल, उप सरपंच देवालाल साहू, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष मदनलाल रांका सहित अन्य के नाम लिखे हैं।
हालांकि इस कार्यक्रम में पूर्व सांसद सिंह नहीं पहुंचे थे।
आश्चर्यजनक है कि सरकारी कर्मचारियों के उद्घाटन पट्टिका पर नाम लिखने पर राज्य सरकार की रोक के बावजूद ग्राम सेवक पदेन सचिव कैलाशचंद्र शर्मा का नाम भी लिख दिया गया। कार्यक्रम की सूचना न तो शाला प्रधानाचार्य को दी गई, न ही शाला विकास समिति व छात्र-छात्राओं को।
गुपचुप तरीके से हुए इस उद्घाटन की शिकायत नगर कांग्रेस अध्यक्ष व स्कूल विकास समिति सदस्य भंवरलाल लोढ़ा ने 24 सितंबर को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से जयपुर में मिल की। शिकायत में उद्घाटन पट्टिका को हटाने, इस कार्य में सहयोग करने वाले दो शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई कर अन्यत्र तबादला करने की मांग की गई है। इस पर सीएम के विशेषाधिकारी ललित कुमार ने कलेक्टर से सात दिन में जांच करा तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है।