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ममता और बुद्धदेव के बीच तू-तू, मैं-मैं
अग्निमा Tuesday, October 13, 2009 04:49 [IST]  

नई दिल्ली. रेलमंत्री ममता बनर्जी और वामदलों के बीच आरोप-प्रत्यारोपों का दौर यूं तो चलता रहता है, लेकिन इस बार दोनों पक्षों के तेवर कुछ ज्यादा ही तीखे नजर आ रहे हैं।



तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता ने रविवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को गिरफ्तार करने की मांग के जवाब में उन्होंने सोमवार को ममता को ‘जुवेनाइल डिसऑर्डर’ से ग्रस्त बताया है।



उन्होंने माओवादियों के प्रति ममता के नरम रुख को भी दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया। लंबे समय बाद दिल्ली आए बुद्धदेव से जब ममता के बयान के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘यह मांग उनके जुवेनाइल डिसऑर्डर को दर्शाता है।’



ममता द्वारा माओवादियों के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन का कथित रूप से विरोध करने पर बुद्धदेव ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है। एक केंद्रीय मंत्री को ऐसी बात नहीं करना चाहिए। वह भी तब, जबकि प्रधानमंत्री ने खुद नक्सलवाद को आंतरिक सुरक्षा की सबसे बड़ी चुनौती करार दिया है।’



बुद्धदेव की नई सोच



वाममोर्चे का एक बड़ा वर्ग चाहता है कि कांग्रेस से दोबारा निकटता बढ़ाने में मुख्यमंत्री बुद्धदेव को अहम भूमिका निभानी चाहिए। इसी के बाद बुद्धदेव न केवल दिल्ली आए, बल्कि प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों से भी मिले। इससे पहले, बुद्धदेव मुख्यमंत्री सम्मेलनों तक में खुद न आकर अपने प्रतिनिधि मंत्री को भेजा करते थे। इस पर प्रधानमंत्री ने उन्हें यह संदेश भिजवाया था कि बुद्धदेव को ऐसी बैठकों में आना चाहिए। साथ ही, उन्हें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि वे उनके मित्र भी हैं।

 
 


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