रतनगढ़. टेलीफोन पर अश्लील वार्तालाप व जान से मारने की धमकी देने के आरोपी के खिलाफ कार्यवाही नहीं करने पर अभिभाषक संघ के सदस्यों ने पुलिस कार्य शैली पर आक्रोश व्यक्त किया।
अभिभाषक संघ की सोमवार को हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि एडवोकेट रोहिताशसिंह के मामले में पुलिस जानबूझ कर उदासीनता बरत रही है। वकीलों ने इस प्रकरण में थानाप्रभारी व पुलिस उपअधीक्षक को दोषी मानते हुए पुलिस कार्य प्रणाली की निंदा की है तथा राज्य सरकार से उदासीन अधिकारियों का स्थानांतरण करने की भी मांग की गई है।
अभिभाषक संघ के अध्यक्ष माणकचंद जोशी ने कहा कि तीन दिन में इस संदर्भ में कार्यवाही नहीं हुई, तो अभिभाषक संघ आंदोलन और तेज करने पर मजबूर होगा। बैठक के बाद अभिभाषक संघ के सदस्यों ने उपखंड अधिकारी केके गोयल को भी इस संदर्भ में ज्ञापन दिया है। इस अवसर पर छगनलाल सोनी, महावीरसिंह सिहाग, सांवरमल चमड़िया, रजनीकांत सोनी, प्रकाश मारू, लक्ष्मण प्रजापत, रामावतार पारीक, राजकुमार चोटिया, कमलकांत शर्मा, अनिलकुमार सोनी, सुशील बाकोलिया, कमलकुमार सोनी, महेंद्रसिंह ढुकिया, नौरंगलाल मील, सतीश मारू, सुमेरसिंह शेखावत, हरिकृष्ण कुमावत, राजेंद्र सैनी सहित कई एडवोकेट उपस्थित थे।