अजमेर . नगर निगम में सफाई ठेकेदार की ठेका अवधि बढ़ना लगभग तय हो गया है।
मंगलवार की साधारण सभा की बैठक से पूर्व सोमवार को हुई भाजपा पार्षद दल की बैठक में यह अवधि मार्च तक बढ़ाने का फैसला कर लिया गया। फैसले के मुताबिक इस अवधि में ठेकेदार का काम ‘संतोषजनक’ रहा तो ठेका फिर बढ़ा दिया जाएगा। ऐसे में माना जा रहा है कि ठेका ‘तलवार की धार’ पर ही रहेगा।
इंडोर स्टेडियम में बैठक के प्रारंभ में इस मुद्दे पर पार्षद दो गुटों में बंटे से नजर आए। पार्षद कैलाश कच्छावा और सूरजभान यादव ने कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था ठीक नहीं है इसलिए ठेकेदार बदला जाए। इस पर भागीरथ जोशी सहित कुछ पार्षदों ने कहा कि ठेका अभी निरस्त हो गया तो सफाई ठप हो जाएगी।
नया ठेका देने में 2—3 माह लग जाएंगे। बहस के बीच आखिर महापौर धर्मेद्र गहलोत ने बात संभालते हुए कहा कि ठेका एकदम समाप्त करना संभव नहीं है। राम के. कंपनी का ठेका अगले मार्च तक बढ़ा दिया जाए। काम संतोषजनक न हो तो अगला ठेके के लिए जनवरी में ही तैयारी कर ली जाए।
विरोध की हकीकत
बैठक में जिन पार्षदों ने विरोध किया, उनके वार्डो की सफाई ठेके पर है ही नहीं। नगर निगम ही वहां यह व्यवस्था संभालता है।
..ताकि रहे दबाव!
सफाई ठेके की अवधि पूर्व में एक साल के लिए बढ़ाई गई थी लेकिन इस बार 5 माह के लिए बढ़ाने का निर्णय किया गया है। माना जा रहा है कि ठेकेदार पर दबाव बनाने के लिए ऐसा किया गया है।
ये भी हुए निर्णय
बैठक में शिवचरण तोषनीवाल को खांचा भूमि देने का प्रस्ताव निरस्त करने का फैसला किया गया। साथ ही तय हुआ कि न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण विजयलक्ष्मी पार्क के मामले का अनुमोदन किया जाए लेकिन बाद में स्थगित कर दिया जाए। सीवरेज लाइन निगम के अधीन नहीं लेने, फॉयसागर का नाम बदलने की बजाय केवल उद्यान का नाम बाबा अजयपाल के नाम पर रखने का भी निर्णय किया गया।