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कॉमर्स हो सकती है अलग फैकल्टी
Bhaskar News Tuesday, October 13, 2009 06:04 [IST]  

अजमेर. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 11 वीं पंचवर्षीय योजना को एज्युकेशन प्लान कहा है।



इस प्लान के तहत देश में उच्च शिक्षा को हर संभव बढ़ावा दिया जाएगा। इसी के अंतर्गत देश के विभिन्न हिस्सों में 14 सौ से ज्यादा शिक्षा संस्थान खोलने की तैयारी है। कॉमर्स और अर्थशास्त्र में कोई अंतर नहीं है। एसोसिएशन की कॉमर्स को अलग फैकल्टी घोषित करने की मांग पर विचार किया जाएगा और जल्द ही इस पर सकारात्मक निर्णय ले लिया जाएगा। यह कहना था यूजीसी के चेयरमैन पदमश्री सुखदेव थोराट का।



थोराट सोमवार को एमडीएस यूनिवर्सिटी में कॉमर्स कॉन्फ्रेंस के समापन समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम और इसके बाद पत्रकारों से चर्चा के दौरान मुख्य अतिथि थोराट ने कहा कि देश में नए खुलने वाले उच्च शिक्षा संस्थानों में वल्र्ड लेवल यूनिवर्सिटी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी, आईआईटी आईआईएम शामिल हैं।





थोराट का कहना था कि उच्च शिक्षा का विस्तार हो रहा है। सरकार ने भी सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से 65 साल कर दी है। इसके अलावा नेट, स्लेट, पीएचडी, एमफिल आदि में छात्रों की फैलोशिप भी बढ़ा दी गई है। थोराट ने यूनिवर्सिटी में शिक्षकों की कमी को भी स्वीकार किया और इसके लिए राज्य सरकारों से नियुक्तियों पर से रोक हटाने की मांग की।



थोराट ने जानकारी दी कि 11 वीं पंचवर्षीय योजना में उच्च शिक्षा पर 47 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इससे उच्च शिक्षा के संसाधनों का विस्तार किया जा सकेगा। कॉन्फ्रेंस में विभिन्न विषयों पर किए गए पत्र वाचनों की जमकर प्रशंसा करते हुए उन्होंेने कहा कि कॉमर्स एसोसिएशन को फंड देने का प्रावधान भी किया जाएगा।



मालूम हो कि उम्मीद जताई जा रही है कि कॉन्फ्रेंस आयोजकों को कम से कम दस लाख रुपए तक की मदद यूजीसी से मिल सकती है। थोराट ने कॉमर्स के कॉमन सिलेबस पर एक साल मंे रिपोर्ट आने की जानकारी देते हुए आश्वासन देते हुए कहा कि यूजीसी टीम के सदस्यों से बात करने के बाद कॉमर्स को साइंस और सोशल साइंस की तरह ही अलग फैकल्टी के रूप में दर्जा दिया जाएगा।




ञ्चयूजीसी की गाइड लाइन में कॉमर्स को सोशल साइंस का ही हिस्सा माना जाता है। यूजीसी के नजरिए से साइंस, सोशल साइंस और आर्ट अलग- अलग फैकल्टी हैं। जबकि यूनिवर्सिटीज में लंबे समय से आर्ट साइंस और कॉमर्स फैकल्टी के रूप में है। हमारी मांग है कि यूजीसी भी कॉमर्स को अलग फैकल्टी का दर्जा दे ताकि समान रूप से इसका विकास हो। अलग फैकल्टी होने से इस विभाग में भी यूजीसी से ग्रांट मिल सकेगी और बेहतर रिसर्च सामने आ सकेंगे - भगीरथ सिंह, आईसीए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष व एमडीएस यूनिवर्सिटी के कुलपति

 
 


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