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खुल सकता है एक और ‘सत्यम’ का राज!
Bhaskar News Tuesday, October 13, 2009 06:32 [IST]  

Satyam नई दिल्ली. दूरसंचार मंत्रालय के विशेष ऑडिट में एक नए ‘सत्यम’ के सामने आने की आशंका जताई जा रही है। पिछले दिनों स्पेशल ऑडिट के तहत विभिन्न टेलीकॉम कंपिनयों के खातों की जांच शुरू की गई थी। इसका उद्देश्य यह पता करना था कि कहीं कोई कंपनी अपने हित को ध्यान में रखकर नफा-नुकसान दिखाने में कोई तथ्य छुपा तो नहीं रही है।



इसके अलावा दूरंसचार मंत्रालय यह भी पता करना चाहता था कि कहीं कोई कंपनियां सरकार को टैक्स देने से बचने के लिए गैर वाजिब तरीके तो नहीं अपना रही है।



सूत्रों के अनुसार प्रारंभिक स्तर पर ऑडिटरों ने ऐसी कुछ गलतियां पकड़ी हैं। खाता जांचने वाले ऑडिटरों ने पाया है कि कहीं-कहीं कंपनियों ने अपने लाभ को शेयरहोल्डरों के सामने बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया। जबकि कुछ कंपनियों ने खत्म हुई अवधि के प्री-पेड कार्ड बेचकर हेराफेरी करने की कोशिश की है।



सूत्रों के मुताबिक दूरसंचार विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि ऑडिट की संपूर्ण रपट आने के बाद एक बार फिर से यह सामने आ सकता है कि कि ‘सत्यम’ मामले की तरह कुछ कंपनियों ने अपने लेखा-जोखा मंे ऑडिटरों को शामिल कर लगातार गलत मुनाफा दर्शाया हो। अलबत्ता रपट सार्वजनिक होने तक दूरसंचा मंत्रालय का कोई भी अधिकारी इस मुद्दे पर अधिकारिक राय रखने से बच रहा है। कंपनियों के प्रवक्ता भी इस दिशा में कुछ कहने से बच रहे हैं। हालांकि इस बीच रिलायंस के एक प्रवक्ता ने कहा कि उनकी कंपनी ने सभी नियमों का पालन किया है।



सूत्रों के मुताबिक यह ऑडिट वर्ष 2006-07 व 2007-08 के लिए किया गया है। इसमें सामने आया है कि कुछ कंपनियों ने अपनी आय को बढ़ा चढ़ाकर पेश किया है। सूत्रों के मुताबिक समीक्षक मान रहे हैं कि वर्ष 2008-09 के बीच कुछ कंपनियों ने 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि का घालमेल किया है। दूरसंचार विभाग सूत्रों के मुताबिक जिस तरह के संकेत मिले हैं उससे लगता है कि दूरसंचार क्षेत्र में कंपनी एक्ट, सेबी नियम, आईपीसी, सूचीबद्धता नियम और यहां तक की इनकम टैक्स व यूएएसएल लाइसेंस (यनिवर्सल टेलीकॉम लाइसेंस) नियम तक का उल्लंघन हुआ है।

 
 


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