नई दिल्ली. अजमेर शरीफ की दरगाह पर जियारत करने वाले आमतौर पर ज्यादातर वीवीआईपी दीवान सैयद जैनुल अबेदीन अली खान के दरबार में भी शीश नवाना नहीं भूलते। खान साहब विश्व प्रसिद्ध ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह के मुख्य इमाम हैं। वीवीआईपी के लिए भले ही खान साहब वीआईपी हों लेकिन आम रेल यात्रियों के लिए वे खैरख्वाह की नई भूमिका में नमूदार हैं।
खान साहब के साथ मुफ्ती-ए-आजम डॉ. एसएमएनआर बरकती भी अब रेलवे में घूम-घूम कर रेल यात्रियों की परेशानी का सबब जानने और उसका हल निकालने की जद्दोहद में ज्यादा मसरूफ नजर आएंगे। बरकती कोलकाता के मशहूर टीपू सुलतान के मुख्य इमाम हैं। मुस्लिम समुदाय के दो बड़े चेहरे को रेलमंत्री ममता बनर्जी ने रेल यात्री सुविधा समिति का सदस्य नामित कर पश्चिम बंगाल की सियासी तासीर में एक नए शगल की शुरुआत की है।
आमतौर पर रेलवे के उच्चस्तरीय पैसेंजर एमनेटीज कमेटी (पीएसी) में मंजे हुए राजनेताओं को जगह मिलती है। ममता ने इस फलसफे को तोड़ा है। लोकसभा चुनाव मे तृणमूल कांग्रेस को भारी जीत दिलाने में पर्दे के पीछे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ऐसे सभी लोगों को रेलमंत्री ने विभिन्न पदों से नवाजने का सिलसिला शुरू किया है, जिनके रणनीतिक कौशल को वर्ष 2011 के विधानसभा चुनाव में भी आजमाया जाएगा।
उनमें पश्चिम बंगाल काडर के अवकाश प्राप्त आईपीएस रछपाल सिंह और सुलतान सिंह प्रमुख हैं। कमेटी में फिलहाल रछपाल को जगह मिली है। कैनवॉस पर रंग उकेरने की कला में ममता को महारथ दिलाने वाले पश्चिम बंगाल के चित्रकार शुभप्रसन्ना को सात सदस्यीय कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है। सबसे चौकाने वाला नाम रिजवानुर के बड़े भाई रुकबानुर रहमान का है। कोलकाता के रिजवानुर और प्रियंका टोडी प्रेम प्रसंग मामले और बाद में रिजवानुर की संदेहास्पद मौत के बाद रुकबानुर ने ही मीडिया में टोडी परिवार के खिलाफ जंग जारी रखी थी।
ममता दीदी ने बड़े लोगों के साथ रुकबानुर को कमेटी का सदस्य नामित कर पश्चिम बंगाल की मुस्लिम राजनीति में अलग मैसेज देने की कोशिश की है। कोलकाता में गायक कलाकार के रूप में मशहूर डॉ. पल्लव किरतनिया भी बतौर सदस्य आर्केस्ट्रा छोड़ रेल यात्रियों के लिए काम करते नजर आएंगे। राजनेता के रूप में माकपा के पूर्व सांसद राधिका रंजन प्रामाणिक को पीएसी में जगह मिली है।