नई दिल्ली. सीबीएसई बोर्ड के तहत दसवीं में बोर्ड परीक्षा खत्म करने और ग्रेडिंग सिस्टम लागू करने जैसे अहम फैसले करने के बाद मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में भी सुधार करने को तैयार हैं।
मानव संसाधन मंत्रालय की योजना है कि वर्ष 2010 से सीबीएसई द्वारा आयोजित अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (एआईईईई) और सभी आईआईटी की ओर से आयोजित होने वाली संयुक्त प्रवेश परीक्षा, जेईई की काउंसलिंग साझा की जाए।
इसके लिए पूरा खाका आईआईटी काउंसिल की बैठक में विचार के बाद तैयार किया जाएगा। मंत्रालय सूत्रों के मुताबिक आईआईटी काउंसिल की 19 अक्टूबर को प्रस्तावित बैठक में इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सुधार का एजेंडा अहम है। इस बैठक की अध्यक्षता मानवसंसाधन मंत्री कपिल सिब्बल करेंगे।
सूत्रों के मुताबिक साझा काउंसलिंग और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा में सुधार जैसे मुद्दों पर मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल पिछले दिनों आईआईटी निदेशकों के साथ बैठक में विचार-विमर्श कर चुके हैं और उन्हें इस मसले पर समर्थन भी मिला है। सूत्रों के मुताबिक, मानव संसाधन मंत्री कपिल सिब्बल इस बात के भी पक्षधर हैं कि इंजीनियरिंग के लिए अलग-अलग परीक्षाएं कराने के बजाए देश भर में एक ही परीक्षा आयोजित होनी चाहिए। साझा काउंसलिंग उसी दिशा में एक ठोस प्रयास साबित हो सकता है।
हालांकि एआईईईई और जेईई परीक्षा को मिलाकर एक ही परीक्षा के आयोजन पर अब तक कोई फैसला नहीं हुआ है। सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में एआईईईई और जेईई जैसी परीक्षाओं का पैटर्न बदलने और उन्हें एक जैसा बनाने की कवायद तेज हो सकती है।
जल्द तैयार हो जाएगा कोर पाठच्यक्रम का प्रारूप
देशभर में गणित व विज्ञान विषय का एक जैसा पाठच्यक्रम तैयार करने की मुहिम भी सिब्बल की इसी योजना का हिस्सा है। कोर पाठच्यक्रम की इस योजना पर कोब्से की मुहर लग चुकी है। जल्द ही कोर पाठच्य्रकम का प्रारूप तैयार होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों के मुताबिक गणित व विज्ञान जैसे विषयों का पाठच्यक्रम एक समान होने पर छात्रों को अलग अलग संस्थाओं द्वारा आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए अलग - अलग पाठच्यक्रमों के अनुरूप तैयारी करने की समस्या से निजात मिलेगी।