जोधपुर. चालू वर्ष में अब कुंवारों की शादी के अवसर 17 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच मात्र 12 सावों के रूप में ही मिलेंगे। यह अवसर गंवाने के बाद विवाह के इच्छुक युवक युवतियों को 14 अप्रेल तक का इंतजार करना पड़ सकता है। गुरु=शुक्र के अस्त होने अर्थात तारा डूबने के कारण सर्दियों में विवाह के शुभ मुहूर्त बिल्कुल नहीं हैं। वैसे बिना मुहूर्त फेरे लेने वालों के लिए किसी तरह की बंदिश भी नहीं है।
पं. कैलाश जोशी के अनुसार शादी के ये शुभ मुहूर्त 17 नवंबर से 12 दिसंबर के बीच आएंगे। नवंबर में 17, 22, 23, 27 और 29 तारीख तथा अगले माह 1, 2, 7,8,9,10 तथा 12 दिसंबर को सावे निकले हैं। जोशी के अनुसार कई वर्ष के बाद ऐसा अवसर आया है जब देवऊठनी एकादशी तथा बसंत पंचमी के रोज शहनाइयां नहीं बजेंगी।