जोधपुर. नगर निगम की साधारण सभा ने आखिर प्रतिपक्ष सदस्यों के विरोध के बीच सोमवार को 15 करोड़ रुपए का ओवरड्राफ्ट लेने के प्रस्ताव को बहुमत के आधार पर पारित कर दिया। जो बैंक कम ब्याज पर राशि मुहैया करवाएगी, उससे निगम पंद्रह करोड़ रुपए का लोन लेगा। यह प्रक्रिया राज्य सरकार से अनुमोदन के तत्काल बाद शुरू कर दी जाएगी। सरकार की ओर से इसका अनुमोदन होना लगभग तय है।
महापौर डॉ. ओमकुमारी गहलोत की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक निर्धारित से पौन घंटे देरी से शुरू हुई। प्रारंभ में एजेंडे के मुद्दे को लेकर पक्ष व विपक्षी सदस्यों में तीखी नोक झोंक हुई। हंगामे के बीच महापौर सफाई देने लगी लेकिन प्रतिपक्ष सदस्य सहमत नहीं हुए और हंगामा जारी रहा। निगम सभागार में सोमवार को सुबह 11 बजकर 18 मिनट पर शुरू हुई बैठक मात्र 37 मिनट चली। आनन-फानन में बुलाई इस बैठक में निगम के बकाया दायित्वों चुकाने के लिए बैंक से लोन लेने पर चर्चा हुई। उप महापौर अब्दुल गनी फौजदार ने यह प्रस्ताव सदन में चर्चा के लिए रखा। इसका समर्थन अब्दुल मजीद गौरी ने किया। सदन ने प्रस्ताव बहुमत से पारित कर दिया। प्रतिपक्ष सदस्यों के विरोध के बीच उप महापौर ने राष्ट्रीय गान से बैठक समाप्ति की घोषणा कर दी।