जोधपुर. राज्य के पंजीयन विभाग ने हाई वे व इसके आस पास की जमीनों का पंजीयन करने के नियम कायदे बदल दिए हैं। इसकी शुरूआत सोमवार को जोधपुर से की गई है। वहीं वर्ष 1990 से पहले की रजिस्ट्रीयां भी कंप्यूट्राइज करना शुरू कर दिया है।
राज्य के स्टांप एवं डच्यूटी विभाग ने मेगा हाई वे,नेशनल हाई वे तथा स्टेट हाई वे के आस पास की भूमि का पंजीयन अब बिना सौ फीसदी सर्वे के नहीं करने किया जाएगा। इसके लिए विभाग के साफ्ट वेयर व प्रारूप में बदलाव किया गया है। यह बदलाव एलआईसी के सहयोग से किया गया है।
डीआईजी स्टांप एवं डच्यूटी श्रीमती कल्पना अग्रवाल ने बताया कि एनआईसी के तकनीकी निदेशक प्रमोद कुमार,प्रोग्रामर सुनिल भाटिया एवं जोधपुर एनआईसी में प्रधान प्रणाली विषलेक्षक रवि माथुर की टीम ने बदलने आज से शुरूआत कर दी है।
अब होगी पुरानी रजिस्ट्रियां कप्यूट्राइज : डीआईजी स्टांप श्रीमती अग्रवाल ने विभाग ने 2003 से कंप्यूट्राईज रजिस्ट्री का कार्य शुरू कर दिया था। मगर जोधपुर कार्यालय में वर्ष 1989 से पंजीयन का कार्य मैन्युअल किया जा रहा था,यह रिकार्ड आज से ही स्केन करने के साथ कंप्यूट्राइज करना शुरू कर दिया गया है।