पदमपुर. पदमपुर के मुंसिफ मजिस्ट्रेट राजेश शर्मा ने अनूपगढ़ की एक विवाहिता की ओर से दायर इस्तगासा के आधार पर उसका कई वर्षो तक देहशोषण करने के कथित आरोप में श्रीगंगानगर नगरपरिषद के चेयरमैन, सूरतगढ़ सदर थाना के एक सहायक उप निरीक्षक सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। पीड़िता ने इस्तगासा में आरोपियों पर दूसरी शादी करवाने का झांसा देने का भी आरोप लगाया है।
अदालत में दायर इस्तगासा में विवाहिता ने आरोप लगाया है कि वह पिछले कई वर्षो से अनूपगढ़ में अपनी चाची के पास रह रही थी। दो वर्ष पहले श्रीगंगानगर नगरपरिषद के चेयरमैन यशपाल कलेर, सूरतगढ़ सदर थाना के सहायक उप निरीक्षक तरसेमलाल रामदासिया, गांव एक सीसी के प्रकाशराम व उसके पिता गुरदेव सिंह उसकी चाची के पास आए। इन लोगों ने मेरे पति से तलाक दिलवाकर प्रकाशराम से शादी करवाने की बात कही। शादी के लिए तैयार होने पर प्रकाशराम व गुरदेव ने शादी करवाने की बजाय उससे कई वर्ष तक दुष्कर्म किया।
इस्तगासा में बताया कि कई वर्ष तक शादी न करने पर इसकी जानकारी पदमपुर पुलिस को दी, लेकिन पुलिस ने मामले में संलिप्त लोगों की प्रभावशीलता को देखते कोई कार्यवाही नहीं की। आरोपियों को जब उसके गर्भवती होने का पता चला तो उन्होंने पदमपुर के पुराने कन्या विद्यालय के पीछे स्थित एक निजी चिकित्सक के पास ले जाकर जबरन गर्भपात करवा दिया।
पीड़िता ने इस्तगासा में बताया कि न्याय मिलता न देख एक सप्ताह पहले किसी बहाने से उसने पदमपुर से अनूपगढ़ आकर अपने माता-पिता को मामले से अवगत करवाया। इस पर उसके पिता नगर परिषद सभापति यशपाल कलेर, सहायक उप निरीक्षक सहित प्रकाश व गुरदेव से मिले, लेकिन इन लोगों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। अंतत: उसने इस्तगासा भादंसं 420, 120 व 376 के तहत दायर किया है।