करनाल. हरियाणा विधानसभा की करनाल जिले की पांच सीटों के लिए मतदान मंगलवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। मतदाताओं ने पांचों सीटों के 72 प्रत्याशियों का भविष्य ईवीएम में कैद कर दिया। हालांकि इस दौरान एक दो जगह छिटपुट घटना हुई, जबकि बाकी जिले में स्थिति सामान्य रही। जिले भर में औसतन 66 प्रतिशत मतदान हुआ।
करनाल विधानसभा क्षेत्र में लोगों को मतदान के प्रति रूझान कम रहा, जबकि अन्य विधानसभा क्षेत्रों में मतदान का प्रतिशत करनाल की अपेक्षा अधिक रहा। मतदाता धीमी गति से शुरू हुआ। सुबह-सुबह मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ लगी। दोपहर दो बजे तक जिले में औसतन 35 प्रतिशत मतदान हुआ। इसके बाद मतदान में गति आई और शाम पांच बजे तक करीब 66 प्रतिशत मतदान हो गया।
यह है स्थिति
विस क्षेत्र वोट प्रतिशत
नीलोखेड़ी 66
इंद्री 76
करनाल 61
घरौंडा 67
असंध 70
चोचड़ा में तोडी ईवीएम, केस दर्ज
चोचड़ा गांव में बूथ क्रमांक साठ पर दो राजनीतिक पार्टियों के पोलिंग एजेंटों के बीच कहासुनी हो गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इस दौरान पोलिंग बूथ की ईवीएम क्षतिग्रस्त हो गई। इससे मतदान प्रक्रिया आधा घंटा तक रुकी रही। मौके पर पहुंचे एसडीएम प्रेमचंद, डीएसपी सुरेंद्र राणा ने स्थिति को संभाला। पुलिस ने रामपाल, सोहन लाल, प्रेमचंद्र व सोहन लाल के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
नहीं बजी विप बैट्री हुई डाउन
विधान सभा चुनाव में अलीपुर खालसा गांव के एक बूथ पर ईबीएम की बैटरी डाउन होने के कारण मतदान देरी से शुरू हुआ तो वीजणा गांव में ईवीएम की बिप की आवाज न आने से। बाद में सूचना मिलते ही मास्टर ट्रेनर रणधीर सिंह ने दोनांे स्थानों पर पहुंच कर ईवीएम को ठीक किया तब जाकर मतदान शुरू हो सका और अधिकारियो ने राहत की सांस ली।
चुनाव में हुईं घटनाएं
अराईपुरा में रही तनाव की स्थिति।
कालरम गांव में पुलिस और ग्रामीणों के बीच झड़प।
कतलेहड़ी में पांच मिनट के लिए रुका रहा मतदान।
बजीदा में किसी ने पुलिस को गड़बड़ी की गलत सूचना दी, पुलिस मौके पर पहुंची। सरपंच व अन्य ग्रामीणों से बातचीत कर वापस लौटी।
औंगद गांव में विवाद होने पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों को समझाया।
बाल रागड़ान गांव में ईवीएम खराब होने से काफी देर तक मतदान रुका रहा।
पुलिस रही चुनावी ड्यूटी में, सूने रहे शहर के ट्रैफिक बूथ
विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग व जिला प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक रखी थी। मतदान केंद्रों पर पुलिस की अच्छी खासी तैनाती के अलावा पेट्रोलिंग की भी विशेष व्यवस्था की गई थी। इसी के चलते शहर के चौक-चौराहे पुलिस के बिना सूने पड़े हुए थे। आम दिनों में शहर में चौक-चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए जाते हैं, लेकिन चुनाव के दिन चौक-चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था रामभरोसे रही।
अस्पताल चौक, महात्मा गांधी चौक, अंबेडकर चौक, कमेटी चौक, सेक्टर-12 चौक पर कोई भी पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। लोगों ने स्वयं की जिम्मेदारी से चौराहों को क्रास किया। आम दिनों में शहर में करीब 15 चौराहों पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए 33 ट्रैफिक पुलिसकर्मी व 25 होमगार्ड को जिम्मेदारी सौंपी जाती है।
सब्जी मंडी चौक व अस्पताल चौक पर तो ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस कर्मचारियों की फौज ही लगी होती है, लेकिन इन चौक पर मतदान के दिन एक भी पुलिस कर्मचारी नहीं तैनात था। भले ही शहर में भारी वाहनों का आवागमन अधिक नहीं रहा, लेकिन कारों व मोटरसाइकिलों का आवागमन आम दिनों से कोई कम नहीं था।