Career
‘प्रतिभा है, प्लेटफार्म नहीं’
Bhaskar News Wednesday, October 14, 2009 02:01 [IST]  

इंदौर से फिल्म इंडस्ट्रीज में सबसे कम प्रतिभा जाती है। इसे बढ़ाने के लिए ग्लोबल फिल्म इंडस्ट्रीज का एक सेंटर शहर में शुरू किया जाएगा, जहां प्रतिभावान कलाकारों को प्लेटफार्म मिलेगा।



यह कहना था सत्यजीत राय फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टिटच्यूट कोलकाता के हेड प्रो. निलोतपाल मजूमदार का। मंगलवार को यूनिवर्सिटी के मीडिया भवन में स्टूडेंट्स को फिल्म इंडस्ट्रीज की जानकारी देने के लिए सेमिनार हुआ जिसमें देश के कई फिल्म जानकारों ने हिस्सा लिया।



50 नहीं 100 रजिस्ट्रेशन- श्री मजूमदार ने बताया कुछ समय पहले हमने शहर में फिल्म कलाकारों के लिए वर्कशॉप आयोजित की थी इसमें 50 सीट थी लेकिन शहर के कलाकारों का उत्साह इतना ज्यादा है कि इसके लिए हमें 100 से ज्यादा एंट्री प्राप्त हुई। यहां प्रतिभावान कलाकार हैं जिन्हें प्लेटफार्म का इंतजार है। इसी को देखते हुए संस्था ने ग्लोबल फिल्म इंडस्ट्रीज का एक सेंटर इंदौर में स्थापित करने का निर्णय लिया है।



अच्छे कलाकारों को मिलेगी स्कॉलरशिप- फिल्म सेंटर खुलने के बाद कलाकारों को प्रशिक्षण तो दिया जाएगा ही अच्छा काम करने वाले कलाकारों को स्कालरशिप भी दी जाएगी।

800 डाक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण- फिल्म डायरेक्टर पद्मश्री डॉ. एस. कृष्णास्वामी ने कहा अनुभव से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। कई मायनों में इसकी बदौलत पुरानी गलतियां नहीं दोहराते और काम में क्वालिटी आती-जाती है। समाज को संदेश देने के लिए अभी तक 800 डाक्यूमेंट्री फिल्मों का निर्माण कर चुका हूं।



ईदगाह से बताई फिल्मों की बारीकियां- फिल्म विशेषज्ञ किशोर वासवानी ने मुंशी प्रेमचंद की कहानियों पर आधारित फिल्म दिखाकर स्टूडेंट्स को फिल्म की बारीकियां समझाईं।



हिंदी न बिगाड़े-प्रोडच्यूसर डॉ. के. मोहना का कहना था तमिल फिल्मों में जब हिंदी का उपयोग होता है तो कई मायनों में उसका अर्थ बदल जाता है। इससे कई बार हिंदी का मजाक बन जाता है। ऐसा पहले हो चुका है इसलिए समाज मे सही मैसेज पहुंचाने के लिए सही भाषा का उपयोग होना चाहिए। संचालन संस्था हेड डॉ. मानसिंह परमार ने किया।

 
 


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