तिथि संवत - कार्तिक कृष्ण द्वादशी-तेरस, संवत् 2066, शके 1931, रवि दक्षिणायने, शरद् ऋतु, हिजरी सन् 1430, 15 अक्टूबर, गुरुवार, प्रदोष, गोवत्स द्वादशी, धन्वंतरि जयंती एवं धनत्रयोदशी (धनतेरस)।
सूर्याेदय कालीन नक्षत्र
पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र रात्रि 12.08 तक, शुक्ल योग तथा तैतिल करण।
ग्रह विचार
सूर्य, बुध, शनि, शुक्र-कन्या, गुरु, राहु-मकर, मंगल, केतु-कर्क तथा चंद्रमा सिंह राशि में।
शुभाशुभ ज्ञानम़्
द्वादशी अपराह्न् 4.38 तक बाद में तेरस प्रारंभ। सायंकाल यमराज की प्रसन्नता हेतु किसी पात्र में धान्य के ऊपर मिट्टी के दीपक में तैल भरकर दक्षिण दिशा में मुंह कर अहोरात्र तक जलने दें।
शुभ अंक- 2 रंग- गुलाबी
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय
अपराह्न् 4.40 से रात्रि 9.00 तक।
राहुकाल
दोप. 1.39 से 3.07 तक।
दिशाशूल
दक्षिण, यदि आवश्यक हो तो दही खाकर निकलें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 6.23 से 7.50 तक शुभ, प्रात: 10.45 से 12.12 तक चंचल, दोपहर 12.12 से 1.39 तक लाभ, अपराह्न् 4.34 से 6.01 तक शुभ, सायं 6.01 से 7.34 तक अमृत, सायं 7.34 से 9.07 तक चंचल।
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 7.14 तक पूर्वा फाल्गुनी 1 चांदी सिंह मो
दोपहर 12.52 तक पूर्वा फाल्गुनी 2 चांदी सिंह टा
सायं 6.30 तक पूर्वा फाल्गुनी 3 चांदी सिंह टी
रात्रि 12.08 तक पूर्वा फाल्गुनी 4 चांदी सिंह टु
प्रात: 5.47 तक उत्तरा फाल्गुनी 1 चांदी सिंह टे