तिथि संवत कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी, संवत् 2066, शाके 1931, रवि दक्षिणायने, शरद् ऋतु, हिजरी सन् 1430, 17 अक्टूबर शनिवार- रूपचौदस, दीपावली एवं
महालक्ष्मी पूजा।
सूर्योदय कालीन नक्षत्र
हस्त नक्षत्र रात्रि 9.44 तक पश्चात चित्रा, ऐन्द्र योग तथा शकुनि करण।
ग्रह विचार
चंद्र, सूर्य, बुध, शनि, शुक्र-कन्या, गुरु, राहु-मकर तथा मंगल, केतु-कर्क राशि में। ग्रह परिवर्तन- सूर्य का प्रात: 11.20 पर तुला राशि में प्रवेश।
शुभाशुभ ज्ञानम़्
दोपहर 12.38 से अमावस्या प्रारंभ। प्रदोष काल में दीपदान के साथ श्री गणोश, इंद्र, कुबेर सहित महालक्ष्मीजी का पूजन सुख समृद्धि प्रदान करता है। ú लक्ष्म्यै नम:, ú इंद्राय नम:, ú कुबेराय नम: से पूजन करें। महालक्ष्मीजी का पूजन शुभ मुहुर्त में कुल परंपरानुसार करें।
शुभ अंक- 7 और शुभ रंग- फिरौजी
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय
दोप. 12.40 से 4.30 एवं सायं 6 से 7.30 तक।
राहुकाल
प्रात: 9.18 से 10.45 तक।
दिशाशूल
पूर्व दिशा। यदि आवश्यक हो तो अदरक खाकर निकलें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 7.51 से 9.18 तक शुभ, दोपहर 12.12 से 1.39 तक चंचल
दोपहर 1.39 से 3.06 तक लाभ, अपराह्न् 3.06 से 4.33 तक अमृत
सायं 6.00 से 7.33 तक लाभ, रात्रि 9.06 से 10.39 तक शुभ
रात्रि 10.39 से 12.12 तक अमृत, रात्रि 12.12 से 1.45 तक चंचल।
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 10.13 तक हस्त 2 चांदी कन्या ष
अपराह्न् 3.58 तक हस्त 3 चांदी कन्या ण
रात्रि 9.44 तक हस्त 4 चांदी कन्या ठ
रात्रि 3.31 तक चित्रा 1 चांदी कन्या पे