चंडीगढ़. चंडीगढ़ प्रशासन ने ढाबा मालिकों के लिए वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) निर्धारित कर दिया है। अब वे पंजाब वैल्यू एडेड टैक्स एक्ट, 2005 के आधार पर तय टैक्स दे सकेंगे, इसके लिए प्रशासन ने स्लैब बना दिए हैं।
ढाबा मालिक वार्षिक आमदनी के आधार पर तय टैक्स दे सकते हैं। अगर ढाबा मालिक ने सालभर अपना ढाबा बंद रखा है तो उसे वित्त वर्ष खत्म होने से दस दिन पहले इसकी जानकारी देनी होगी। ऐसा न करने पर ढाबा मालिक को पहले की तरह तय टैक्स ही देना होगा। अगर साल में कुछ दिन ढाबा बंद रहा है तो मालिक को पूरे साल का ही निर्धारित टैक्स चुकाना होगा। निर्धारित टैक्स सालभर में 12 मासिक किस्तों में चुकाया जा सकता है।
टैक्स के लंबित मामले हल करने का मौका
शहर के व्यापारी अब 90 दिनों की बजाय 180 दिनों की अवधि के दौरान डीम्ड एसेसमेंट फॉर्म भर सकेंगे। चंडीगढ़ प्रशासन ने शुक्रवार को डीम्ड एसेसमेंट स्कीम में बदलाव करने संबंधी नोटिफिकेशन जारी कर दी है। इस स्कीम के तहत सेल्स टैक्स के लंबित मामले भी निपट सकेंगे।
लंबित पड़े हैं एक लाख केस
शहर में दिसंबर, 2005 में वैट लगा था। इससे पहले टैक्स के कई मामले लंबित पड़े हैं। इसकी तादाद करीब एक लाख है। अब संशोधन के बाद व्यापारी एक्ट की धारा 4बी के तहत एक लाख रुपये की बिक्री, खरीद और टर्नओवर पर 300 रुपये टैक्स अदा कर सकेंगे।
प्रशासन ने न्यूनतम फीस 500 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दी है। कंेद्रीय गृह मंत्रालय ने हाल ही में पंजाब वेल्यू एडिड टैक्स एक्ट मंे संशोधन को मंजूरी दी है। शहर के व्यापारी संगठन पिछले कुछ दिनों से पंजाब के आधार पर यह स्कीम चंडीगढ़ में भी लागू करने की मांग कर रहे थे।
व्यापार मंडल ने किया स्वागत
चंडीगढ़ व्यापार मंडल ने प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरणजीव सिंह के मुताबिक दिसंबर, 2005 में वैट लागू हुआ था। कई डीलर्स के पुराने टैक्स के आधार पर केस पंेडिंग थे। पूराने टैक्स की किताबें या अन्य कागजात न मिलने के कारण उन्हें टैक्स भरने में दिक्कतें आ रही थी।
इन व्यापारियों को प्रशासन की तरफ से नोटिस भेजे जा रहे थी। डीम्ड एसेसमेंट स्कीम के संशोधन से अब उन्हें राहत मिलेगी। व्यापार मंडल के महासचिव दिवाकर साहुंजा और वैट सब कमेटी के चेयरमैन राम करण ने ढाबा मालिकांे के लिए टैक्स निर्धारित करने का स्वागत किया है।