चंडीगढ़. चंडीगढ़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाओं वाले एयरपोर्ट का सपना इस साल पूरा होता नहीं दिखता। हालांकि ऐसी सुविधाओं और अंतरराष्ट्रीय उड़ान के दावे तो पिछले काफी समय से कई बार किए जा चुके हैं। पिछले साल अप्रैल में एयरपोर्ट को नए सिरे से बनाने का ठेका लेने वाली कंपनी ने दावा किया था कि जुलाई 2009 तक काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद सितंबर 2009 तक की मियाद दी गई, लेकिन तकनीकी खामियां आड़े आ गईं। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने अब मार्च 2010 तक इसे पूरा करने का वादा किया है।
एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील दत्त के मुताबिक कुछ तकनीकी वजह है जिससे तैयारियां पूरी नहीं हो सकी हैं। कुछ नई सुविधाओं को जोड़ने के चलते एयरपोर्ट रेनोवेशन का काम लटक रहा है। दत्त के मुताबिक एयरपोर्ट पर 2 एयरो ब्रिज भी बनने हैं, जिनका निर्माण कार्य पूरा होने में समय लग रहा है। दत्त दावा करते हैं मार्च 2010 तक एयरपोर्ट की रेनोवेशन का काम पूरा हो जाएगा और यह चालू हो जाएगा। उन्होंनें बताया कि एप्रन एरिया बढ़ाने के लिए डिफेंस से जमीन मिलने में भी देरी हो रही है।
मियाद जो बढ़ती ही गई
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने पहले दिसंबर 2007, फि र मार्च 2008, उसके बाद जून 2009 और फिर सितंबर 2009 मे चंडीगढ़ एयरपोर्ट से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू करने का दावा किया था। 23 जुलाई से फ्लाई दुबई की अंतरराष्ट्रीय उड़ान शुरू करने की बात भी नहीं बन पाई। इसके पीछे एयरफोर्स द्वारा एटीसी वॉच आवर्स न बढ़ाया जाना कारण रहा। हालांकि इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री और रक्षा मंत्री के दखल के बाद एयरफोर्स इस मसले पर सहयोग को तैयार हो गया था, लेकिन मसला फिर ठंडे बस्ते में है।
अक्टूबर 2009 में कतर एयरलाइंस ने भी चंडीगढ़ से कतर के बीच सीधी उड़ान की पेशकश की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं के अभाव में यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान भी इस साल संभव नहीं हो पाएगी। दुबई, थाईलैंड और कतर की एयरलाइंस कंपनियां चंडीगढ़ से अपनी फ्लाइट्स के लिए तैयार बैठी हैं।
20 फीसदी काम बाकी
एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जनवरी 2009 में 60 फीसदी काम पूरा होने का दावा किया था। 9 माह बीतने के बाद बताया जा रहा है कि 80 फीसदी काम पूरा हो चुका है, यानी अभी 20 फीसदी काम बाकी है। अब अधिकारी एक बार फिर नया दावा कर रहे हैं कि अगले वर्ष मार्च के अंत तक एयरपोर्ट पर सभी अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं मुहैया करवा दी जाएंगी। दूसरी तरफ, चंडीगढ़ पुलिस ने भी कस्टम के लिए जवानों को अमृतसर एयरपोर्ट पर ट्रेनिंग दिलाकर तैनाती का इंतजाम कर लिया है। लेकिन जब तक एयरपोर्ट पर अंतरराष्ट्रीय सुविधाओं का काम पूरा नहीं हो जाता है, इनकी तैनाती के कोई मायने नहीं हैं।